सरकारी ईंधन कंपनियों ने 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमत में 29 रुपये प्रति सिलेंडर का इजाफा किया है. नई दरें सात जून से लागू हो गई हैं.केंद्र सरकार ने शनिवार रात को एलपीजी सिलेंडर की कीमत में 29 रुपये की बढ़ोतरी कर दी है. इससे पहले 7 मार्च को घेरलू गैस सिलेंडर पर 60 रुपये का बढ़ोतरी की गई थी. समाचार एजेंसी एएनआई के अनुसार, बढ़ी हुई कीमतों के बाद अब यानी 7 जून से दिल्ली में एलपीजी सिलेंडर की कीमत बढ़कर 942 रुपये हो गए हैं.
लेकिन अब विपक्ष बढ़ी हुई कीमतों पर सवाल उठा रहा है. एलपीजी सिलेंडर के दाम में इजाफे के बाद कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, एनसीपी (एसपी) चीफ शरद पवार समेत कई विपक्षी नेताओं ने सरकार को घेरा है.
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने एक्स पर लिखा, “घरेलू LPG दामों में आग की लपटें आम जनता की रसोई को भस्म करने पर तुली हुई है. मोदी सरकार ने पिछले 4 महीनों में घरेलू LPG सिलेंडर के दामों में ₹89 की बढ़ोतरी की है. संसद में मोदी जी ने लंबी-चौड़े दावे किए थे कि वे पश्चिमी एशिया युद्ध के चलते 41 देशों से ईंधन विविधीकरण (Fuel Diversification) कर रहे हैं. उसका क्या हुआ? ग्रामीण क्षेत्रों में आज भी LPG की किल्लत क्यों है?”उन्होंने आगे लिखा, “2025-26 में उज्ज्वला योजना में 5.56 करोड़ परिवारों ने केवल एक या एक भी रिफिल नहीं करवाया. इनमें से 3.30 करोड़ ने तो एक भी सिलेंडर रिफिल नहीं लिया. ये तो वेस्ट के पहले की बात है. क्या ये मोदी सरकार की लूट का नतीजा नहीं है?”
वहीं एनसीपी (SP)चीफ शरद पवार ने कहा, “PM भले ही महंगाई नियंत्रण की बात करें, लेकिन इस लगातार बढ़ती आर्थिक मार की असली राजनीतिक कीमत सत्ताधारियों को सही समय पर चुकानी पड़ेगी.”
अखिलेश यादव क्या बोले?
समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव ने भी एलपीजी के दाम बढ़ने पर तंज किया है. उन्होंने एक्स पर लिखा, “रोटी के महंगे होने से थाली गई रूठ, भाजपा से अब तो, हर आस गई टूट”
कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने गैस के दाम बढ़ाए जाने पर सवाल उठाया है. उन्होंने एक्स पर लिखा, “जब ऑयल मार्केटिंग कंपनियां भारी मुनाफा कमा रही हैं, तो एलपीजी की कीमतें बार-बार क्यों बढ़ाई जा रही हैं? सरकारी ऑयल मार्केटिंग कंपनियों (ओएमसी) ने वित्त वर्ष 2025-26 में भारी मुनाफा कमाया है.”
कांग्रेस सांसद ने कहा, “तीनों ओएमसी ने 77,280.65 करोड़ रुपये का कुल आमदनी की है. वित्त वर्ष 2024-25 की तुलना में ये मुनाफा 130% अधिक है. यहां तक कि (तिमाही 4, जनवरी-मार्च 2026) में जब इजरायल और अमेरिका ने ईरान पर हमला किया तो तीन ओएमसी का लाभ 19,470 करोड़ रुपये था जो पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में 40% अधिक था.”
जब इन ओएमसी ने अत्यधिक मुनाफा कमाया है तो पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की कीमतें हर दिन क्यों बढ़ाई जा रही हैं? 7 मार्च 2026 को 60 रुपये बढ़ने के बाद घरेलू एलपीजी सिलेंडर पर फिर से 29 रुपये की बढ़ोतरी क्यों की गई है? जबकि ओएमसी गड़बड़ कर रही है, लोगों को दमनकारी मूल्य निर्धारण व्यवस्था के तहत कुचला जा रहा है? क्या यही शासन व्यवस्था है?
मनीष तिवारी
सांसद, कांग्रेस
सपा सांसद राजीव राय ने घरेलू LPG सिलेंडर के दाम बढ़ने पर कहा, “जब पश्चिम बंगाल का चुनाव चल रहा था तब भी हमने कहा था कि ये वो सरकार है जो अवसर देख कर ठगती है। चुनाव खत्म होने के बाद दाम बढ़ने शुरू होंगे और ये किश्तों में होगा… ये दिशा विहीन सरकार है जिसकी अपनी न कोई सोच है, न कोई रणनीति है और न कोई योजना है.”