वर्ल्ड चैंपियनशिप फाइनल की रेस: कोलंबो में जीती टीम इंडिया तो भी खत्म नहीं होगी टेंशन, फाइनल का ऐसा है समीकरण

भारत ने गॉल टेस्ट जीतने के बाद अपने अंक प्रतिशत में सुधार को किया है, लेकिन अब उसके पास गलती की गुंजाइश काफी कम है.

गॉल टेस्ट में धमाकेदार जीत दर्ज करने के बाद भारतीय टीम की नजर अब कोलंबो में झण्डा गाड़ने की है. श्रीलंका के खिलाफ पहला टेस्ट जीतने के बाद शुभमन गिल एंड कंपनी ना सिर्फ सीरीज में 1-0 की बढ़त बनाने में सफल हुई है, बल्कि उसने वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप फाइनल की रेस में भी खुद को बनाए रखा और स्थिति बेहतर की है. गॉल टेस्ट जीतने के बाद भारत को 12 अंक मिले हैं और उसके अब 53.33 प्रतिशत अंक हो गए हैं. इस सीरीज का दूसरा मुकाबला रविवार से कोलंबो में शुरू होने जा रहा है और मेहमान देश की नजर क्लीन स्वीप पर होगी.

कोलंबो जीते तो कितना फायदा?

फिलहाल भारत के 10 मैचों में 64 अंक हैं और उसक अंक प्रतिशत 53.33 है. टीम इंडिया अगर कोलंबो टेस्ट जीतती है तो उसे 12 अंक और मिलेंगे. ऐसे में 11 टेस्ट के बाद भारत के 57.14 प्रतिशत अंक होंगे. हालांकि, भारत की टेंशन इसके बाद भी खत्म नहीं होगी. टीम इंडिया को उसके बाद न्यूजीलैंड का दौरा करना है और अगले साल पांच टेस्ट मैचों में ऑस्ट्रेलिया की मेजबानी करनी है. ऐसे में फाइनल में पहुंचने इन दोनों के खिलाफ जीत दर्ज करनी होगी.

फाइनल की राह नहीं आसान

कोलंबो टेस्ट जोड़ दें तो भारत के 8 मैच बचे हैं. पिछले चक्र में  दक्षिण अफ़्रीका ने 69.44 और ऑस्ट्रेलिया ने 67.54 फ़ीसदी अंकों के साथ खिताबी मुकाबले में जगह बनाई थी. भारत ने अगर अपने बचे 8 में से 7 मैच जीते तो उसका अंक प्रतिशत 68.52 का हो जाएगा. जबकि छह जीत के बाद यह
62.96 रहेगा.

हालांकि, 69 प्रतिशत अंकों के साथ टीमों के क्वालीफाई करने के चांस अधिक होते हैं. टीम इंडिया को इस आंकड़े तक पहुंचने के लिए 66 अंक चाहिए. इसके लिए उसे पांच मैचों में जीत चाहिए होगी और दो मैच ड्रॉ चाहिए होंगे या फिर उसे छह मैच जीतने होंगे. ऐसे में टीम इंडिया के पास गलती की गुंजाइश काफी कम है.

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