अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार को उस बोइंग 747-8 में उड़ान भरी जिसे कतर ने उपहार में दिया है. साज-सज्जा के बाद इस विमान को एयर फोर्स वन जैसा रूप दिया गया है. ट्रंप ने इसे दुनिया का सबसे बेहतरीन विमान बताया है.अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार को कतर के शाही परिवार की ओर से उपहार में मिले बोइंग 747-8 में उड़ान भरी. इस जहाज को अपग्रेड कर एयर फोर्स वन 747 का रूप दिया गया है. ट्रंप ने इसे उड़ता हुआ ह्वाइट हाउस बताया है. ट्रंप ने इसे दुनिया का अब तक का सबसे बेहतरीन विमान बताया. वह नार्थ डकोटा की यात्रा के बाद ज्वाइंट बेस एंड्रयूस पर उतरे थे. ट्रंप ने कहा,”मेरा मानना है कि यह अब तक का सबसे बेहतरीन व्यावसायिक विमान है. मैंने बोइंग से पूछा कि सबसे अच्छा विमान कौन-सा है. उन्होंने कहा कि यही सबसे बेहतरीन विमान है और आपको इसमें उड़ान भरने का मौका मिलेगा. मुझे भी इसमें यात्रा करने का सौभाग्य मिला है.”
कितनी है विमान की कीमत
करीब 40 करोड़ अमेरिकी डॉलर (करीब 33 सौ करोड़ रुपये) मूल्य के इस विमान को कतर ने बिना किसी शर्त के ट्रंप को उपहार में दिया था. हालांकि इसको लेकर कानूनी, नैतिक और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े कई सवाल भी उठे हैं. अमेरिकी टीवी चैनल सीएनएन के मुताबिक इस विमान को सफेद, लाल और नेवी ब्लू रंगों से सजाया गया है. इसमें कई ऐसे बदलाव किए गए हैं, जिससे यह ट्रंप के निजी विमान जैसा दिखता है.
ट्रंप ने कहा, “अमेरिका के पास ऐसा विमान होना चाहिए. हमारा मौजूदा एयर फोर्स वन 35-36 साल पुराना है. जब उसे ऐसे नए विमानों के पास खड़ा किया जाता है, तो वह हमारे देश के स्तर के मुताबिक नहीं लगता है. हमें इस विमान पर गर्व है और देश को भी इस पर गर्व होना चाहिए. यह बेहद खूबसूरत है.” उन्होंने कहा कि अगर अमेरिका खुद ऐसा विमान बनाता, तो उस पर लागत बहुत आती. यह विमान हमें बहुत कम लागत में मिला है, क्योंकि यह हमारे सहयोगी देश कतर की ओर से उपहार है. मैंने बोइंग से पूछा कि सबसे बेहतरीन विमान किसके पास है. उन्होंने कहा कि कतर के पास. सच कहूं तो अमेरिका भी ऐसा विमान बनाने में शायद इतना पैसा खर्च करने को तैयार नहीं होता. कतर ने इस पर खुलकर खर्च किया है.”कतर ने किसे दिया उपहार डोनाल्ड ट्रंप या अमेरिकी वायुसेना
इससे पहले 19 मई को व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लीविट ने कहा था कि यह विमान अमेरिकी राष्ट्रपति को व्यक्तिगत रूप से नहीं, बल्कि अमेरिकी वायुसेना को दान किया गया है. उन्होंने कहा था,”कतर सरकार और शाही परिवार ने यह विमान अमेरिकी वायुसेना को दान करने की पेशकश की है. यह दान सभी कानूनी और नैतिक नियमों का पालन करते हुए स्वीकार किया जाएगा. रक्षा विभाग और अमेरिकी वायुसेना इसे सर्वोच्च सुरक्षा मानकों के अनुसार तैयार करेंगे. यह राष्ट्रपति को दिया गया निजी उपहार नहीं है, बल्कि अमेरिका और उसकी वायुसेना को दिया गया दान है. इस विमान को कब तक सेवा में शामिल किया जाएगा, इसकी जानकारी अमेरिकी वायुसेना ही दे सकती है, क्योंकि यह पूरी तरह उनका प्रोजेक्ट है.”\