कॉकरोच जनता पार्टी की मांगों की सूची और लंबी हो गई है. अब एक डिमांड यह भी जोड़ दी गई है कि सरकार, पुलिस और RAF माफी मांगें.
कॉकरोच जनता पार्टी और सरकार के बीच वार्ता का दौर जारी है. शुक्रवार को एक बार फिर से केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह ने सीजेपी के प्रतिनिधियों से मुलाकात की. इस दौरान सरकार ने आंदोलनकारियों की सभी मांगों पर विचार करने का भरोसा दिया. इसके अलावा शनिवार को फिर से मीटिंग की बात कही गई है. वहीं सीजेपी ने एक बार फिर से नया लेटर लिखा है और सरकार से अपनी मांगें दोहराई हैं. यही नहीं सीजेपी के लेटर में एक और मांग जोड़ दी गई है. जेपी नड्डा के नाम पर सीजेपी के प्रवक्ता आशुतोष रांका और सौरव दास ने पत्र लिखा है.
इसमें एक मांग यह भी जोड़ दी गई है कि आंदोलन के दौरान प्रदर्शनकारियों से हुई बर्बरता के लिए भारत सरकार, रैपिड एक्शन फोर्स के मुखिया और दिल्ली पुलिस कमिश्नर छात्रों से सार्वजनिक माफी मांगें. यह मांग पहली बार सीजेपी ने उठाई है और इससे पहले ऐसी कोई बात नहीं की गई थी. इस लेटर में पहले की तीन मांगों को फिर से दोहराया गया है. इन मांगों में पहली यही है कि धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा हो. नीट पेपर लीक से आहत होकर जान देने वाले छात्रों के परिवारों को एक करोड़ रुपये की राशि दी जाए. इसके अलावा यह भरोसा दिया जाए कि आंदोलनकारियों पर कोई भी कानूनी कार्रवाई नहीं की जाएगी.

इस तरह पुरानी मांगों को सीजेपी ने दोहराया है, लेकिन सरकार से लेकर दिल्ली पुलिस कमिश्नर तक से माफी वाली मांग भी जोड़ दी है. अब तक राहुल गांधी यह कहते रहे हैं कि पीएम मोदी को माफी मांगनी चाहिए, लेकिन ऐसा पहली बार हुआ है, जब सीजेपी ने भी ऐसी डिमांड कर दी है. यही नहीं कॉकरोच जनता पार्टी ने एक चेतावनी भी सरकार को दी है. लेटर में कहा गया कि यदि सरकार ने इन मांगों को जल्दी से स्वीकार नहीं किया तो फिर यह आंदोलन बड़ा होगा और पूरे देश में फैल जाएगा. लेटर में यह भी कहा गया है कि हमें उम्मीद है कि सरकार हमारी मांगों पर विचार करेगी और जल्दी ही मसले का हल निकल सकेगा.