दिल्ली प्रीमियर लीग में मंगलवार को खेले गए मैच में जो घटा, वह पूरी दुनिया में चर्चा का विषय बना हुआ हुआ, वीडियो को बार-बार देखा जा रहा है
मैदान पर अक्सर ऐसी घटनाएं होती हैं, जिन्हें देख कर एक बार को बिल्कुल भी भरोसा नहीं होता कि ऐसा हो भी सकता है, लेकिन जब होता है तो फैंस दांत तले उंगली दबा लेते हैं. और घटना विशेष पूरे क्रिकेट जगत में चर्चा का विषय बन जाती है. कुछ ऐसा ही हाल ही में शुरू हुई दिल्ली प्रीमियर लीग (DPL) में मंगलवार को दिल्ली वॉरियर्स और दिल्ली टाइगर्स के बीच खेले गए मुकाबले में देखने को मिला.और एक बार जब वीडियो सोशल मीडिया पर आया, तो यह तूफान से वायरल हो गया.
फील्डर तक को नहीं हुआ भरोसा
दरअसल जो भी हुआ, वह हताशा में हुआ. दिल्ली वॉरियर्स की टीम दिल्ली टाइगर्स के खिलाफ रनों का पीछा कर रही थी. आखिरी में बल्लेबाज बड़ा शॉट खेलने गया, लेकिन वह ऐसा नहीं ही कर सका. वास्तव में यहां एक रन की भी गुंजाइश नहीं थी. बल्लेबाज ने जब आखिरी गेंद पर रन लेने की कोशिश की, तो नजदीक फील्डिंग कर रहे दिल्ली टाइगर्स के कप्तान ने गेंद पकड़ने की कोशिश की, लेकिन वह चूक गए. गेंद उनके हाथ से छिटक गई. इस पर चूकने के बाद पैदा हुई हताशा में हिम्मत ने किसी फुटबॉलर की तरह गेंद पर जोरदार किक लगाई, तो वह बल्लेबाज प्रथम सलूजा के क्रीज में पहुंचने से पहले ही स्टंप्स से जा टकराई. बल्लेबाज आउट, हिम्मत सिंह हैरानी में जमी पर बैठ गए. दिल्ली टाइगर्स के खिलाड़ियों में जश्न और मैच सुपर ओवर में चला गया.
फिर भी नहीं जीत सका दिल्ली टाइगर्स
सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो फुटेज में हिम्मत के हाव-भाव पलक झपकते ही हताशा से खुशी में बदलते देखे जा सकते हैं, जबकि उनके कई साथी खिलाड़ी अपने सिर पर हाथ धरे बैठे थे. बहरहाल, भाग्य के भरोसे सुपर ओवर में पहुंचने मुकाबले में दिल्ली टाइगर्स मैच अपने नाम करने में विफल रहे.
आईपीएल में असर छोड़ने में विफल रहे हिम्मत सिंह
हिम्मत ने पिछले साल भारतीय प्रीमियर लीग (IPL) में लखनऊ सुपर जायंट्स की तरफ से अपने आईपीएल करियर की शुरुआत की थी. उन्हें शीर्ष क्रम के बल्लेबाज के रूप में ऑस्ट्रेलिया के ऑलराउंडर मिचेल मार्श के स्थान पर टीम में शामिल किया गया था. उन्होंने 2024 की मुश्ताक अली ट्रॉफी के दौरान आठ पारियों में 148 के स्ट्राइक रेट से 197 रन बनाकर सभी का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया था.हालांकि, हिम्मत अभी तक आईपीएल में अपनी छाप छोड़ने में नाकाम रहे हैं. साल 2025 खेले गए तीन मैचों में उन्हें बल्लेबाजी करने का मौका ही नहीं मिला. वहीं 2026 में, उन्होंने छह मैच खेले जिनमें 30.67 के औसत और 133.33 के स्ट्राइक रेट से 92 रन बनाए.