ईरान के परमाणु प्लान पर पुतिन ने दिया कौन सा आइडिया? जिस पर ट्रंप ने कह दिया ‘No Thanks’

राष्ट्रपति पुतिन ने ईरान का इनरिच यूरेनियम रूस शिफ्ट करने का प्रस्ताव देकर परमाणु तनाव कम करने की कोशिश की, जिसे डोनाल्ड ट्रंप ने असुरक्षित मानकर खारिज कर दिया.अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच चल रहे भीषण युद्ध के बीच एक बेहद अहम और चौंकाने वाली खबर सामने आई है. इस तनावपूर्ण माहौल को शांत करने के लिए रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने ईरान के इनरिच यूरेनियम(Enriched Uranium) को लेकर एक खास प्रस्ताव रखा था, लेकिन अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रूस के इस फॉर्मूले पर भरोसा करने के बजाय इसे खारिज कर दिया है. आइए जानते हैं इस ‘सीक्रेट डील’ के पीछे की पूरी कहानी.

क्या था पुतिन का यूरेनियम वाला आइडिया?
एक्सियोस की एक रिपोर्ट के मुताबिक, रूसी राष्ट्रपति पुतिन ने अमेरिका को सुझाव दिया था कि ईरान के पास मौजूद इनरिच यूरेनियम के पूरे भंडार को रूस में शिफ्ट कर दिया जाए. पुतिन का यह प्रस्ताव असल में तेहरान के साथ चल रहे अमेरिका-इजरायल युद्ध को खत्म करने की कोशिश का एक हिस्सा था.

फोन कॉल पर ट्रंप ने कर दिया ‘नो’
रिपोर्ट्स के अनुसार, इसी हफ्ते की शुरुआत में डोनाल्ड ट्रंप और व्लादिमीर पुतिन के बीच फोन पर लंबी बातचीत हुई थी. इसी बातचीत के दौरान पुतिन ने यूरेनियम को रूस शिफ्ट करने का यह फॉर्मूला पेश किया था. हालांकि, ट्रंप इस बात पर बिल्कुल सहमत नहीं हुए और उन्होंने पुतिन के इस अहम प्रस्ताव को सीधे तौर पर ठुकरा दिया.

ट्रंप ने क्यों किया इनकार?
ट्रंप प्रशासन का मानना है कि ईरान के यूरेनियम भंडार को पूरी तरह से सुरक्षित करने के लिए किसी तीसरे पक्ष पर निर्भर रहने के बजाय अमेरिका को खुद इसे सुनिश्चित करना चाहिए. अमेरिका फिलहाल में ईरान के परमाणु सामग्री भंडार को जब्त करने या विशेष बलों के माध्यम से उसे सुरक्षित करने जैसे अन्य विकल्पों पर विचार कर रहे हैंईरान की मदद कर रहा है रूस.. ट्रंप बोले
यूरेनियम के मुद्दे पर असहमति के बावजूद, ट्रंप ने दावा किया है इस युद्ध में रूस ईरान की मदद कर रहा है. फॉक्स न्यूज के साथ एक इंटरव्यू में ट्रंप ने कहा, ‘मुझे लगता है कि पुतिन शायद उनकी थोड़ी मदद कर रहे हैं, क्योंकि उन्हें लगता है कि हम यूक्रेन की मदद कर रहे हैं.’ ट्रंप ने इसे वैश्विक राजनीति का एक सामान्य हिस्सा बताया है. ट्रंप प्रशासन ने रूस को कड़ी चेतावनी दी है कि वह तेहरान के साथ कोई भी खुफिया जानकारी साझा न करे, वरना अमेरिका इससे कतई खुश नहीं होगा. वहीं रूसी राष्ट्रपति के सलाहकार यूरी उशाकोव ने ईरान को खुफिया समर्थन देने की बातों से इनकार किया है.