रूस-यूक्रेन युद्ध के बाद से पुतिन लगातार यूरोप और अमेरिका को छोड़कर अन्य बाजार तलाश कर रहे हैं. उनकी कोशिश है कि अमेरिका और यूरोप किसी भी स्थिति में रूस के व्यापार को कंट्रोल करने की स्थिति में ना रहें.रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के मुताबिक, भारत और यूरेशियन इकोनोमिक यूनियन व्यापार (EAEU) उदारीकरण वार्ता को गति दे रहे हैं. उन्होंने कहा, “हम भारत के साथ व्यापार समझौतों को उदार बनाने के लिए बातचीत कर रहे हैं.” उन्होंने आगे कहा कि पहले ही रिकॉर्ड 69 अरब डॉलर का व्यापार हो चुका है. क्या इससे आयात सस्ता होगा, भारतीय निर्यातकों के लिए निर्यात में उछाल आएगा और पश्चिमी देशों पर अत्यधिक निर्भरता कम होगी?
रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने शुक्रवार को कहा कि यूरेशियन आर्थिक संघ (ईएईयू) के देशों के साथ सहयोगी संबंधों को मजबूत करना मॉस्को की सर्वोच्च प्राथमिकता है. यूरेशियन आर्थिक परिषद की सर्वोच्च बैठक के दौरान पुतिन ने कहा, “मैं इस बात पर जोर देना चाहता हूं कि यूरेशियन आर्थिक संघ के सभी देशों के साथ सहयोगी संबंधों को मजबूत करना रूस की सर्वोच्च प्राथमिकता है.” उन्होंने आगे कहा कि यूरेशियन आर्थिक संघ की गतिविधियां विदेशों में काफी ध्यान आकर्षित कर रही हैं और कई देश और संगठन संघ के साथ सहयोग करने में रुचि रखते हैं.
राष्ट्रीय मुद्राओं में होते हैं लेनदेन
राष्ट्रपति ने आगे कहा कि ईएईयू में वस्तुओं, सेवाओं, पूंजी और श्रम के लिए साझा बाजार लगभग स्थापित हो चुके हैं. पुतिन ने यह भी कहा, “हमारे देशों के बीच लगभग सभी लेन-देन राष्ट्रीय मुद्राओं में किए जाते हैं. इस प्रकार, पारस्परिक निर्यात और आयात लेनदेन बाहरी प्रभावों और वैश्विक बाजारों में नकारात्मक रुझानों से सुरक्षित रहते हैं.”राष्ट्रपति ने आगे कहा कि ईएईयू में एक पूर्ण विकसित साझा आर्थिक क्षेत्र चरणबद्ध तरीके से बन रहा है. पुतिन ने कहा कि यूरेशियन आर्थिक संघ एक प्रभावी एकीकरण संघ है. पुतिन ने कहा, “ठीक 12 साल पहले, इसी दिन, 29 मई, 2014 को, यूरेशियन आर्थिक संघ की स्थापना संधि पर अस्ताना में हस्ताक्षर किए गए थे. इस दस्तावेज को लागू करने के लिए हमारे देशों द्वारा किए गए निरंतर और अथक संयुक्त कार्य ने वास्तव में एक प्रभावी एकीकरण संघ का निर्माण संभव बनाया है.”