कांग्रेस मुख्यालय में ‘वंदे मातरम्’ को लेकर को बवाल बढ़ता जा रहा है. रविवार को एक बार फिर बीजेपी ने कांग्रेस पर देशवासियों का अपमान करने का आरोप लगाया है.नई दिल्ली:
कांग्रेस मुख्यालय में 80वें स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान जब राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम्’ गाया जा रहा था, उसी समय कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और सोनिया गांधी के बातचीत करने पर विवाद खड़ा हो गया है. बीजेपी ने इसे लेकर कांग्रेस से माफी मांगने की मांग की है. बीजेपी प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने रविवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कांग्रेस पर 140 करोड़ देशवासियों का अपमान करने का आरोप लगाया है.
प्रदीप भंडारी ने एक वीडियो दिखाया, जिसमें राहुल गांधी कथित तौर पर कहते सुनाई दे रहे हैं कि ‘हमें गाने की जरूरत नहीं है.’ इसमें आगे राहुल गांधी को कथित तौर पर यह कहते हुए भी सुना जा सकता है कि ‘हम वंदे मातरम् नहीं गा रहे हैं. हम यहां पर अपना वंदे मातरम् गा रहे हैं.’
इस वीडियो को दिखाते हुए प्रदीप भंडारी ने हमला करते हुए कहा कि ‘राहुल गांधी ये कोई गाना नहीं है. ये भारत के स्वतंत्रता सेनानियों का उद्घोष है. ये इस देश के 140 करोड़ देशवासियों के मन में जो देशभक्ति का भाव है, वो है. उसके बावजूद राहुल गांधी और सोनिया गांधी इतने गुस्से में रहते हैं कि राहुल गांधी जोर-जोर से चिल्लाते हैं कि हमें वंदे मातरम् गाने की जरूरत नहीं है.’
आखिर क्या हुआ था?
15 अगस्त को 80वें स्वतंत्रता दिवस पर कांग्रेस मुख्यालय पर तिरंगा लहरा गया. इसी दौरान जब ‘वंदे मातरम्’ गाया जा रहा था, तब सोनिया गांधी ने अपने बगल में खड़े खरगे की ओर इशारा करते हुए कुछ कहते नजर आईं.
इस पर बीजेपी ने कांग्रेस पर ‘वंदे मातरम्’ का अपमान करने का आरोप लगाया है. जबकि, कांग्रेस ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि ‘वंदे मातरम्’ का गायन रोकने की कोशिश नहीं की गई और सोनिया गांधी सिर्फ कांग्रेस अध्यक्ष के लिए कुर्सी लाने को कह रही थीं. कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने कहा, ‘कांग्रेस अध्यक्ष काफी देर से खड़े थे, सोनिया जी उनके लिए कुर्सी लाने को कह रही थीं.’
कांग्रेस महासचिव जयराम ने कहा कि 28 अक्टूबर 1937 को कलकत्ता में महात्मा गांधी, नेताजी सुभाष चंद्र बोस, सरदार वल्लभभाई पटेल, मौलाना अबुल कलाम आजाद, जवाहरलाल नेहरू, गोविंद बल्लभ पंत और सी राजगोपालाचारी की मौजूदगी में कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक हुई थी. रमेश ने कहा कि उस बैठक में रवींद्रनाथ टैगोर की सलाह पर यह तय किया गया था कि कांग्रेस अधिवेशनों में ‘वंदे मातरम्’ के शुरुआती अंतरों का गायन किया जाएगा.
उन्होंने कहा कि तब से कांग्रेस के हर अधिवेशन में उन पंक्तियों को गाया जाता रहा है और कांग्रेस सेवा दल तथा पार्टी कार्यकर्ता भी इसका गायन करते हैं. उनका कहना था कि इस मुद्दे पर कोई विवाद नहीं है. रमेश ने कहा कि शनिवार को ‘वंदे मातरम्’ के सभी छह अंतरों को गाया गया.
बीजेपी ने लगाया अपमान का आरोप
बीजेपी आईटी सेल के चीफ अमित मालवीय ने कहा कि स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर पहली बार कांग्रेस मुख्यालय में पूरे वंदे मातरम् का गायन किया गया.
उन्होंने X पर एक पोस्ट में दावा किया, ‘वंदे मातरम् के शुरुआती छंद के गायन के बाद सोनिया गांधी नाराज हो गईं और उन्होंने इसे पूरा गाने के बजाय गायन रोकने को कहा. राहुल गांधी भी इसे खत्म करने का संकेत देते नजर आए. उन्हें इसे जारी रखने के लिए कहा गया.’
मालवीय ने कहा, ‘संदेश स्पष्ट था कि नए कानूनी प्रावधान के तहत अब पूरे राष्ट्रगीत का सम्मान किया जाना है और जानबूझकर इसमें बाधा डालने या व्यवधान पैदा करने पर गंभीर परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं. आखिरकार वे भी इसके लिए सहमत हो गए और वंदे मातरम् का पूर्ण रूप से गायन किया गया.’
मालवीय ने आरोप लगाया कि दशकों से ‘गांधी परिवार’ और कांग्रेस का सांस्कृतिक रूप से आत्मविश्वासी और अपनी सभ्यतागत जड़ों से जुड़े भारत के विचार के साथ असहज संबंध रहा है. भाजपा नेता ने कहा, ‘विडंबना यह है कि स्वतंत्रता दिवस के दिन ही यह असहजता उजागर हो गई.’