बंगाल में डायमंड हार्बर और मगराहाट के 15 बूथों पर शनिवार को फिर से कराया जाएगा मतदान: EC

राजनीतिक दल, उम्मीदवार, मतदान एजेंट या पर्यवेक्षक इलेक्टॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) की खराबी, बूथ पर कब्जा, धमकी या मतदान की गोपनीयता के उल्लंघन जैसी अनियमितताओं का हवाला देकर पुनर्मतदान की मांग करते हैं.चुनाव आयोग ने कहा है कि पश्चिम बंगाल में शनिवार को डायमंड हार्बर और मगराहाट में 15 पोलिंग बूथों पर फिर से मतदान कराया जाएगा. वहीं 144-फाल्टा विधानसभा क्षेत्र से संबंधित शिकायतों पर रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है. मगराहाट विधानसभा क्षेत्र में 11 केंद्रों पर तो डायमंड हार्बर विधानसभा क्षेत्र में 4 पोलिंग बूथों पर फिर से वोटिंग होगी. वहीं फाल्टा में भी फिर से मतदान कराए जाने की संभावना है.

हालांकि बीजेपी ने जिस फाल्टा विधानसभा को लेकर चुनाव आयोग को शिकायत की थी, अभी उस पर फैसला नहीं हुआ है. आयोग कुछ देर में इस पर भी फैसला लेगा.


पश्चिम बंगाल में 29 अप्रैल को हुए दूसरे चरण के चुनाव के बाद दक्षिण 24 परगना जिले की चार विधानसभा सीटों के 77 बूथों को लेकर निर्वाचन आयोग के पास पुनर्मतदान की मांग आई थी. आयोग को पुनर्मतदान के लिए कुल 32 शिकायतें फाल्टा से मिलीं थी. इसके बाद डायमंड हार्बर से 29, मगरहाट से 13 और बज बज से तीन शिकायतें मिली थी.
आम तौर पर राजनीतिक दल, उम्मीदवार, मतदान एजेंट या पर्यवेक्षक इलेक्टॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) की खराबी, बूथ पर कब्जा, धमकी या मतदान की गोपनीयता के उल्लंघन जैसी अनियमितताओं का हवाला देते हुए पुनर्मतदान की मांग करते हैं.


चुनाव आयोग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि बुधवार को मतदान समाप्त होने के तुरंत बाद सामने आई शिकायतों में ईवीएम से छेड़छाड़, मशीनों पर संदिग्ध पदार्थों के इस्तेमाल और निगरानी कैमरों को बाधित करने के प्रयासों के आरोप शामिल थे. शिकायतों की संख्या और प्रकृति को देखते हुए, चुनाव आयोग इस पर फैसला करता है.शिकायत के बाद रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई करते हुए मुख्य निर्वाचन आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार ने विशेष पर्यवेक्षक सुब्रत गुप्ता को पुनर्मतदान की मांग वाले बूथों पर निरीक्षण कराने के निर्देश दिए थे. गुप्ता ने कई मतदान केंद्रों पर संभावित पुनर्मतदान के संबंध में निर्णय लेने के लिए जमीनी स्तर पर निरीक्षण किया. साथ ही अन्य पर्यवेक्षकों के साथ भी बातचीत की.

एक विशेष रूप से गंभीर आरोप डायमंड हार्बर क्षेत्र के मगराहाट पश्चिम से सामने आया था, जहां दावा किया गया था कि मतदाताओं के वोटिंग पसंद पर नजर रखने के लिए उनकी शर्ट की जेबों में जासूसी कैमरे लगाए गए थे.