अमेरिकी खुफिया विभाग ने अपनी रिपोर्ट में बताया है कि ईरान की मौजूदा सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई न्यूक्लियर हथियार को लेकर अपने पिता के मुकाबले ज्यादा जिद्दी हैं.
ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के बाद तेहरान की सत्ता संभालने वाले उनके बेटे मोजतबा खामेनेई को लेकर एक बड़ा खुलासा हुआ है. अमेरिकी खुफिया रिपोर्ट के मुताबिक, मोजतबा खामेनेई अपने पिता की तुलना में ईरान को परमाणु हथियारों से लैस करने के अधिक हिमायती हैं.
अब अमेरिकी खुफिया एजेंसियों का मानना है कि सत्ता की कमान संभाल रहे मोजतबा और युद्ध के बाद उभरा ईरान का कट्टरपंथी धड़ा, जल्द से जल्द परमाणु हथियार हासिल करने के पक्ष में हैं.
पिता से अलग सोच रखते हैं मोजतबा?
‘द न्यूयॉर्क टाइम्स’ की एक रिपोर्ट के अनुसार, दिवंगत नेता अली खामेनेई भले ही लंबे समय से परमाणु विकास पर जोर देते रहे हों, लेकिन अमेरिकी अधिकारियों का मानना था कि एक सीमा से आगे जाकर परमाणु बम बनाने के फैसले को लेकर उनके मन में थोड़ी हिचकिचाहट थी.
दूसरी ओर, मोजतबा खामेनेई ने सार्वजनिक रूप से कभी परमाणु हथियार बनाने की खुली वकालत नहीं की है, लेकिन खुफिया आंकलन संकेत देते हैं कि उनकी मंशा अपने पिता से कहीं ज्यादा आक्रामक है. हालांकि, अमेरिकी अधिकारियों ने यह भी साफ किया है कि मोजतबा के विचारों को लेकर जो खुफिया जानकारियां हैं, उनमें से ज्यादातर युद्ध शुरू होने से पहले की हैं.
‘पिकैक्स माउंटेन’ पर परमाणु संपत्ति बचाने की कवायद
दूसरी ओर ‘द वॉल स्ट्रीट जर्नल’ की रिपोर्ट के अनुसार, जून 2025 में नतांज, फोर्डो और इस्फहान स्थित ईरान के प्रमुख परमाणु ठिकानों पर हुए अमेरिकी हमलों के बाद से तेहरान अपनी परमाणु संपत्तियों को सुरक्षित करने में जुटा है.
अमेरिकी अधिकारियों का दावा है कि ईरान ने अपने सेंट्रीफ्यूज (परमाणु संवर्धन में इस्तेमाल होने वाली मशीनें) का एक बड़ा हिस्सा मध्य ईरान स्थित एक बेहद मजबूत और अंडरग्राउंड फैसेलिटी में शिफ्ट कर दिया है. इसे अमेरिकी खुफिया एजेंसियां ‘पिकैक्स माउंटेन’ कहती हैं.