जम्मू-कश्मीर में बारिश का कहर! बाढ़ से डोडा के ठाठरी मार्केट में तबाही, किश्तवाड़ में लैंडस्लाइड

प्रशासन ने मौसम को लेकर पहले ही एडवाइजरी जारी कर दी थी, जिसमें जम्मू-कश्मीर के संवेदनशील इलाकों में भारी बारिश, आंधी-तूफान, अचानक बाढ़ और लैंडस्लाइड की चेतावनी दी गई थी.जम्मू-कश्मीर में भारी बारिश की वजह से कई जिलों में अचानक बाढ़ और लैंडस्लाइड की कई घटनाएं सामने आई हैं, जिसकी वजह से सड़कें, गाड़ियों और संपत्ति को नुकसान पहुंचा है. खराब मौसम की वजह से अधिकारियों ने लोगों से सतर्क रहने को कहा. रात भर हुई भारी बारिश की वजह से डोडा जिले के थाथरी सब-डिविजन में अचानक बाढ़ आ गई, जिससे घरों, गाड़ियों और अन्य संपत्तियों को भारी नुकसान पहुंचा.

ठाठरी मार्केट में बाढ़ से तबाही
स्थानीय नालों और नदियों में जलस्तर चानक बढ़ने से बाढ़ का पानी पूरी ठाठरी मार्केट तक पहुंच गया, जिससे भारी तबाही हुई. बाढ़ का पानी बड़े पत्थर, कीचड़ और मलबे के साथ रिहायशी इलाकों में लोगों के घरों तक पहुंच गया, जिससे काफी नुकसान हुआ. सड़कों और बाजारों में खड़ी गाड़यों को भी काफी नुकसान पहुंचा.

स्थानीय लोगों का कहना है कि बाढ़ अचानक आने की वजह से उनको हालात से निपटने में काफी मुश्किल हुई. वहीं प्रशासन ने नुकसान का आकलन शुरू कर दिया है, बहाली और राहत कार्य भी जारी हैं.

नाले में मलबे की वजह से बार-बार आ रही बाढ़
स्थानीय लोगों का आरोप है कि लिंक रोड निर्माण कार्य के दौरान निकलने वाला मलबा अक्सर ठाठरी नाले में फेंक दिया जाता है. मलबा जमा होने से पानी का प्राकृतिक बहाव रुक जाता है और इलाके में बार-बार बाढ़ आती है. ऐसी बाढ़ से घरों, संपत्ति और लोगों के कामकाज को बार-बार नुकसान पहुंचता है. उन्होंने अधिकारियों से भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए तुरंत कदम उठाए जाने की अपील की.डोडा-किश्तवाड़ हाईवे को नुकसान
लगातार हो रही बारिश की वजह से अचानक आई बाढ़ से सोमवार को डोडा-किश्तवाड़ हाईवे को नुकसान हुआ और गाड़ियों की आवाजाही भी बाधित हुई है अधिकारियों के मुताबिक, बाढ़ से हाईवे पर भारी मात्रा में कीचड़, बड़े पत्थर और मलबा जमा हो गया. वहीं सड़क का एक हिस्सा भी क्षतिग्रस्त हो गया. इस वजह से अधिकारियों को इस रास्ते पर ट्रैफिक रोकना पड़ा. वहीं किश्तवाड़ जिले में हुई जोरदार बारिश की वजह से 540 MW के बन रहे क्वार हाइड्रोइलेक्ट्रिक पावर प्रोजेक्ट के टनल एरिया के पास लैंडस्लाइड और मडस्लाइड की बड़ी घटना हुई.डोडा और किश्तवाड़ जैसे पहाड़ी इलाकों में खराब मौसम की वजह से पहले ही दिक्कतें हो रही थीं. लैंडस्लाइड ने इन दिक्कतों को और बढ़ा दिया है.

प्रशासन ने मौसम को लेकर पहले ही एडवाइजरी जारी कर दी थी, जिसमें जम्मू-कश्मीर के संवेदनशील इलाकों में भारी बारिश, आंधी-तूफान, अचानक बाढ़ और लैंडस्लाइड की चेतावनी दी गई थी. उन्होंने खासकर नदियों, झरनों और नालों के पास रहने वालों से अपील की कि वे सतर्क रहें और बारिश के इस दौर में असुरक्षित जगहों पर जाने से बचें.

मौसम विभाग के मुताबिक, सोमवार सुबह 8.30 बजे खत्म हुए 24 घंटों के दौरान जम्मू इलाके में सबसे ज्यादा बारिश सांबा में हुई, जहां 90 mm बारिश दर्ज की गई.मौसम विभाग के मुताबिक, सोमवार सुबह 8.30 बजे खत्म हुए 24 घंटों के दौरान जम्मू इलाके में सबसे ज्यादा बारिश सांबा में हुई, जहां 90 mm बारिश दर्ज की गई. कठुआ में (66.2 मिमी), कटरा में (44.4 मिमी), डोडा में (42 मिमी), जम्मू में (41.8 मिमी), उधमपुर में (40.6 मिमी), भद्रवाह में (33.6 मिमी), किश्तवाड़ में (24 मिमी), रियासी में (10.5 मिमी), बटोटे में (4.7 मिमी), रामबन में (4.5 मिमी) और बनिहाल में (0.4 मिमी) बारिश हुई.

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