हाल ही में सोशल मीडिया और एंटरटेनमेंट फोरम पर नोलन के इंटरव्यू के क्लिप्स फिर से सामने आए, जिससे लोगों में फिल्ममेकर की जान-बूझकर अपनाई गई ‘एनालॉग’ लाइफस्टाइल जीवनशैली (बिना डिजिटल तकनीक वाली जीवनशैली) के बारे में फिर से दिलचस्पी पैदा हो गई है.लगातार आने वाले नोटिफिकेशन, ग्रुप चैट और घंटों तक सोशल मीडिया पर स्क्रॉल करते रहने (doomscrolling) के दौर में भी, फिल्ममेकर क्रिस्टोफर नोलन का जीवन काफी हद तक ‘ऑफ-ग्रिड’ (बिना डिजिटल तकनीक के) है. ‘ओपेनहाइमर’, ‘इंटरस्टेलर’ और ‘द डार्क नाइट’ ट्रिलॉजी जैसी फिल्में बनाने वाले ऑस्कर विजेता डायरेक्टर एक बार फिर चर्चा में हैं. उनके पुराने और नए इंटरव्यू ऑनलाइन सामने आए हैं, जिनसे पता चला है कि उन्होंने कभी स्मार्टफोन नहीं रखा और न ही कभी कोई ईमेल भेजा है.
हाल ही में सोशल मीडिया और एंटरटेनमेंट फोरम पर नोलन के इंटरव्यू के क्लिप्स फिर से सामने आए, जिससे लोगों में फिल्ममेकर की जान-बूझकर अपनाई गई ‘एनालॉग’ लाइफस्टाइल जीवनशैली (बिना डिजिटल तकनीक वाली जीवनशैली) के बारे में फिर से दिलचस्पी पैदा हो गई है.
क्यों नहीं इस्तेमाल करते स्मार्टफोन?
क्रिस्टोफर नोलन का कहना है कि स्मार्टफोन “ध्यान भटकाने वाली चीज” है. नोलन ने खुलकर बताया कि वे स्मार्टफोन और ईमेल से क्यों दूर रहते हैं, जबकि उन्होंने हॉलीवुड की कुछ सबसे बड़ी और बेहतरीन फिल्में बनाई हैं. एक पुराने इंटरव्यू में, फिल्ममेकर ने बताया था कि स्मार्टफोन से दूर रहने से उन्हें स्क्रिप्ट लिखने और नए आइडिया पर काम करने के दौरान रचनात्मक रूप से ध्यान केंद्रित करने में मदद मिलती है. नोलन ने पहले कहा था, “मुझे लगता है कि तकनीक और उससे मिलने वाली सुविधाएं अद्भुत हैं. मेरी निजी पसंद इस बात पर निर्भर करती है कि मैं उसमें कितना शामिल होता हूं. यह ध्यान भटकने के स्तर की बात है.” डायरेक्टर ने यह भी बताया कि वे बिना इंटरनेट वाले कंप्यूटर पर स्क्रिप्ट लिखते हैं, ताकि काम के दौरान रुकावटें कम से कम हों.शायद फ़ैन्स के लिए और भी हैरानी की बात नोलन का यह दावा है कि उन्होंने कभी खुद ईमेल का इस्तेमाल नहीं किया. कई मीडिया आउटलेट्स की पुरानी रिपोर्टों के अनुसार, फिल्ममेकर ने एक बार कहा था कि उन्हें ईमेल से बातचीत करने में कोई दिलचस्पी नहीं है और उन्होंने अपने पूरे करियर में इसके बिना ही पेशेवर रूप से काम किया है.
इसके बजाय, नोलन सहयोगियों से बातचीत के लिए मुख्य रूप से असिस्टेंट, प्रोड्यूसर और सीधे फ़ोन कॉल पर निर्भर रहते हैं. फिल्ममेकर के साथ काम करने वाले एक्टर्स ने पहले बताया है कि स्क्रिप्ट अक्सर डिजिटल रूप से ईमेल करने के बजाय हाथ से पहुंचाई जाती हैं.