इससे पहले ईरान के स्वास्थ्य मंत्रालय ने सोशल मीडिया पर कुछ तस्वीरें पोस्ट कर दावा किया कि राजधानी स्थित 100 साल पुराने मेडिकल रिसर्च सेंटर पर हमला कर उसे तबाह कर दिया गया है.आज अमेरिका और इजरायल ने ईरान के सबसे बड़े ब्रिज B1 को उड़ा दिया. ये ईरान के अल्बोर्ज प्रांत के करज शहर में बन रहा था. यह ईरान की इंजीनियरिंग की मिशाल और एक अहम इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट है. इसे मिडिल ईस्ट का सबसे ऊंचा पुल माना जाता है. इसकी ऊंचाई लगभग 136 मीटर है. इस पुल की कुल लंबाई 1,050 मीटर है. यह आठ सेक्शन में विभाजित है, जिसमें सबसे लंबा सेक्शन 176 मीटर का है. इस प्रोजेक्ट को बनाने में लगभग 400 मिलियन अमेरिकी डॉलर यानी करीब 37,000 करोड़ रुपये से ज्यादा का खर्च आया था. इस पुल का काम लगभग पूरा होने वाला था कि इससे पहले ही अमेरिका और इजरायल के हमले में यह पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया.
ट्रंप की नई धमकी
इसी के बारे में जानकारी देते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने लिखा, ‘ईरान का सबसे बड़ा पुल ढह गया, अब कभी इस्तेमाल नहीं किया जा सकेगा — आगे और भी बहुत कुछ होने वाला है! ईरान के लिए अब समझौता करने का समय आ गया है, इससे पहले कि बहुत देर हो जाए और एक महान देश बनने की उसकी सारी उम्मीदें खत्म हो जाएं!’
ब्रिज गिरने का वीडियो
इससे पहले ईरान के स्वास्थ्य मंत्रालय ने सोशल मीडिया पर कुछ तस्वीरें पोस्ट कर दावा किया कि राजधानी स्थित 100 साल पुराने मेडिकल रिसर्च सेंटर पर हमला कर उसे तबाह कर दिया गया है. स्वास्थ्य मंत्रालय के प्रवक्ता हुसैन केरमनपोर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक पोस्ट में अंतरराष्ट्रीय बिरादरी से इस ‘आक्रामकता’ की ओर ध्यान देने की अपील की. उन्होंने इसे वैश्विक स्वास्थ्य व्यवस्था पर सीधा हमला करार दिया. यह संस्थान 1920 में स्थापित हुआ था और देश के मेडिकल रिसर्च और दवा विकास में इसकी अहम भूमिका रही है. तस्वीरों में इमारत के कुछ हिस्से पूरी तरह से तबाह दिखे, जबकि कुछ मलबे में बदले हुए देखे जा सकते हैं.