अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने संसदीय समिति के सामने कहा है कि ईरान के साथ जंग खत्म हो चुकी है और जीत अमेरिकी सेना को मिली है.मिडिल ईस्ट में ईरान और अमेरिका के बीच टकराव लगातार बढ़ रहा है, और हमले रुकने का नाम नहीं ले रहे. लेकिन इसी बीच अमेरिका की सरकार दावा कर रही है कि “युद्ध खत्म हो गया है.” यह बयान उस समय आया है जब ईरान से लेकर अमेरिका के सहयोगी देशों में हवाई हमले, ड्रोन हमले और समुद्री रास्तों पर तनाव जारी है. कुवैत एयरपोर्ट पर हमले में एक भारतीय की मौत के कुछ घंटे बाद ही अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रूबियो संसदीय समिति में “शांति” का दावा किया है और यह बात कई देशों को चौंका रहा है.
मार्को रूबियो ने क्या कहा?
अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने बुधवार को अपने उस दावे को फिर से दोहराया कि ईरान के साथ युद्ध खत्म हो गया है. उन्होंने अमेरिकी प्रतिनिधि सभा की विदेश मामलों की समिति से कहा, “हम अब ईरान के अंदर लगातार हमले नहीं कर रहे हैं ताकि उनकी सेना को कमजोर किया जाए, क्योंकि ‘एपिक फ्यूरी’ ऑपरेशन खत्म हो चुका है.” उन्होंने इस बात का ऐलान भी कर दिया कि अमेरिका ने जीत भी हासिल कर ली है.
बता दे कि अमेरिका ने अपने इस सैन्य अभियान को “ऑपरेशन एपिक फ्यूरी” नाम दिया था. अमेरिका ने इजरायल के साथ मिलकर 28 फरवरी को ईरान पर हमला शुरू किया और इसके बाद यह पूरे मध्य पूर्व में फैल गया. ईरान ने जवाब में इस क्षेत्र में अमेरिका के सहयोगी देशों पर हमले किए और खाड़ी के तेल और गैस के लिए अहम रास्ता हॉर्मुज जलडमरूमध्य को बंद कर दिया.
क्या सच में अमेरिका जीत चुका है?
रूबियो ने कहा, “हम जीत को इस तरह परिभाषित करते हैं कि हमने ईरान की डिफेंस और इंडस्ट्री के बेस को नष्ट कर दिया, उनके मिसाइल लॉन्चरों की संख्या बहुत कम कर दी, उनके ड्रोन भंडार को बहुत घटा दिया… हमने उनकी बची हुई वायु सेना को खत्म कर दिया और उनकी पूरी सामान्य नौसेना को भी नष्ट कर दिया.”
हालांकि विपक्षी डेमोक्रेट सांसदों ने इस बात का विरोध किया. उन्होंने कहा कि युद्ध अभी भी जारी है. बुधवार को भी ईरान ने कुवैत के एयरपोर्ट पर हमला किया (जिसे वो इनकार कर रहा), जिसमें 1 व्यक्ति की मौत हुई और 63 लोग घायल हुए. बहरीन में बड़ी अमेरिकी सेना मौजूद है और वहां भी ईरान के ड्रोन हमले हुए.कैलिफोर्निया की सांसद सारा जैकब्स ने कहा, “आप ऑपरेशन का नाम बदल सकते हैं, लेकिन इससे सच नहीं बदलता. हॉर्मुज अभी भी बंद है और हमारे सैनिक खतरे में हैं.”
ईरान के साथ बातचीत कहां तक पहुंची?
रूबियो ने सांसदों को ईरान के साथ चल रही बातचीत के बारे में भी बताया. उन्होंने कहा कि ईरान के एनरिच किए यूरेनियम भंडार (जिसका इस्तेमाल आगे परमाणु बम बनाने में हो सकता है) बातचीत का मुख्य मुद्दा हैं. लेकिन अभी तक ईरान ने शांति समझौते पर सहमति नहीं दी है. अमेरिका का कहना है कि किसी भी शांति समझौते के लिए ईरान को अपना यूरेनियम सौंपना होगा, परमाणु गतिविधियां कम करनी होंगी और हॉर्मुज को फिर से खोलना होगा.
वहीं ईरान ने कहा है कि वह अपने परमाणु कार्यक्रम पर गंभीर बातचीत तभी करेगा जब उसके 12 अरब डॉलर के फ्रीज किए गए पैसे वापस किए जाएं. फ्रीज किए यानी रोककर रखे गए. उसने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस बयान को भी खारिज किया है जिसमें कहा गया था कि उसका यूरेनियम भंडार नष्ट कर दिया जाएगा.