अलीबाबा, बैडू, BYD… अमेरिका ने चीन की 3 बड़ी कंपनियों को ब्लैकलिस्ट क्यों किया?

अगर चीन की तीन बड़ी कंपनियां भी अमेरिका के ब्लैकलिस्ट में शामिल हो गईं तो उनके साथ क्या होगा? यहां समझिएअमेरिका ने ब्लैकलिस्ट की गई चीनी कंपनियों की अपडेटेड लिस्ट जारी कर दी है. कंपनी भी छोटी-मोटी नहीं, चीन की तीन दिग्गज कंपनियों को इस लिस्ट में शामिल कर दिया गया है. अमेरिका का कहना है कि ये कंपनियां चीन की सेना की मदद कर रही हैं. इस लिस्ट में ई-कॉमर्स कंपनी अलीबाबा, सर्च इंजन कंपनी बैडू और दुनिया में इलेक्ट्रिक कार बनाने वाली सबसे बड़ी कंपनी BYD शामिल हैं. चीन ने आधिकारिक तौर पर अपना विरोध जताया है.

अमेरिका के रक्षा विभाग ने यह घोषणा ऐसे समय में की है जब कुछ हफ्ते पहले ही राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चीन जाकर वहां के राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मुलाकात की थी. दोनों देश ने कहा था कि वे अपने रिश्तों में स्थिरता बनाए रखना चाहते हैं. इसके बाद ट्रंप ने शी जिनपिंग को सितंबर में वॉशिंगटन आने का निमंत्रण भी दिया है. लेकिन अब यह नई लिस्ट सामने आने के बाद दुनिया की दो सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं, यानी अमेरिका और चीन के बीच तनाव बढ़ा सकती है.

पहले भी आई थी लिस्ट लेकिन…
पेंटागन ने यह अपडेट हुई लिस्ट महीनों बाद जारी की है. इससे पहले उसने एक लिस्ट जारी की थी, फिर उसे बिना किसी कारण के वापस ले लिया था. इस बार की नई लिस्ट भी लगभग उसी पुरानी लिस्ट जैसी है, जो फरवरी में थोड़ी देर के लिए ही प्रकाशित हुई थी. हालांकि इस बार दो मेमोरी चिप बनाने वाली कंपनियों को फिर से ब्लैकलिस्ट में शामिल किया गया है, जिन्हें पहले हटा दिया गया था.

इन दो कंपनियों के नाम हैं- चांगशिन मेमोरी टेक्नोलॉजीज और यांग्त्जे मेमोरी टेक्नोलॉजीज.
लिस्ट में शामिल कंपनियों के साथ क्या होगा?
अमेरिकी रिपब्लिकन सांसद जॉन मोलिनार चीन पर बनी हाउस कमेटी के प्रमुख हैं. उन्होंने कहा कि यह अपडेटेड लिस्ट अमेरिकी कंपनियों, सरकार और जनता के लिए एक चेतावनी है. उन्होंने कहा कि अमेरिकी कंपनियों को इन “राष्ट्रीय सुरक्षा के खतरे” वाली कंपनियों के साथ व्यापार बंद कर देना चाहिए, वरना यह चीन की सैन्य ताकत बढ़ाने में मदद करेगा.इस लिस्ट में चीन की बड़ी टेक कंपनियां भी शामिल हैं, जो आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI के क्षेत्र में काम करती हैं, जैसे अलीबाबा, बैडू और टेनसेंट. टेनसेंट पहले से ही इस लिस्ट में था. बैडू ने इस आरोप का विरोध किया और चीनी सोशल मीडिया पर कहा कि ये आरोप “पूरी तरह बेबुनियाद” हैं. कंपनी के प्रवक्ता ने कहा कि बैडू को इस लिस्ट में शामिल करने का कोई ठोस कारण नहीं है और वे इसे पूरी तरह गलत मानते हैं. उन्होंने कहा कि बैडू को ब्लैकलिस्ट से हटाने के लिए वे सभी कानूनी कदम उठाएंगे.

अलीबाबा ने भी कहा कि उसे इस ब्लैकलिस्ट में शामिल करना एक “गलती” है और उसने कानूनी कार्रवाई की धमकी दी है. कंपनी ने कहा कि उसका किसी भी तरह की सैन्य गतिविधि या सेना से कोई संबंध नहीं है. भले इस ब्लैकलिस्ट में शामिल होने से तुरंत कानूनी असर बहुत ज्यादा नहीं पड़ता, लेकिन माना जा रहा है कि यह आगे चलकर और सख्त कार्रवाई की शुरुआत हो सकती है.

इस लिस्ट में दवा बनाने वाली कंपनी वूशी एपटेक और स्टार्टअप यूनिट्री भी शामिल हैं, जो इंसानों जैसे दिखने वाले रोबोट बनाती है.

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