Padma awardees Full list: पद्म पुरस्कारों के नामों का ऐलान हो गया है. इसमें उत्तराखंड, केरल और झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्रियों का नाम भी शामिल है. आइए देखते हैं पद्म पुरस्कारों की लिस्ट 2026गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर पद्म पुरस्कारों की घोषणा की गई है. इसमें तीन पूर्व मुख्यमंत्रियों के नाम भी शामिल हैं. केरल, असम, दिल्ली और उत्तराखंड के कुछ नेताओं का नाम भी इस सूची में है. भाजपा के कुछ नेताओं को भी सार्वजनिक जीवन में उनकी उत्कृष्ट सेवाओं के लिए पद्म सम्मान से नवाजा गया है. केरल के पूर्व मुख्यमंत्री वीएस अच्युतानंदन लेफ्ट पार्टी के बड़े नेता रहे हैं. जबकि उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और राज्यपाल रहे भगत सिंह कोश्यारी को भी उनकी सेवाओं के लिए यह सम्मान दिया गया है.
पद्म विभूषण विजेता
केरल के दिवंगत पूर्व मुख्यमंत्री वीएस अच्युतानंदन: माकपा के वरिष्ठ नेता रहे वीएस अच्युतानंदन वर्ष 2006 से 2011 तक केरल के मुख्यमंत्री रहे थे. 82 साल की उम्र में सीएम बनने वाले वो सबसे उम्रदराज मुख्यमंत्री थे. वो केरल में करीब 15 सालों तक नेता विपक्ष की भूमिका में भी रहे. अच्युतानंदन 1985 से जुलाई 2009 तक माकपा पोलित ब्यूरो के सदस्य भी रहे.
पद्म भूषण
उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री भगत सिंह कोश्यारी: पद्म पुरस्कारों की लिस्ट में शामिल भगत सिंह कोश्यारी ने 2019 से 2023 तक महाराष्ट्र के राज्यपाल की जिम्मेदारी निभाई. आरएसएस के साथ वो भाजपा से लंबे समय से जुड़े रहे हैं. भगत सिंह कोश्यारी ने भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और उत्तराखंड भाजपा अध्यक्ष भी रहे. कोश्यारी 2001 से 2002 तक उत्तराखंड के दूसरे मुख्यमंत्री भी थे. कोश्यारी 2002 से 2003 तक उत्तराखंड विधानसभा में नेता विपक्ष रहे.
झारखंड के पूर्व सीएम शिबू सोरेन को भी मरणोपरांत पद्म पुरस्कार : शिबू सोरेन का जन्म 11 जनवरी 1944 और निधन 4 अगस्त 2025 को हुआ था. झारखंड मुक्ति मोर्चा के नेता के साथ वो तीन बार झारखंड के मुख्यमंत्री भी रहे. सोरेन तीन बार लोकसभा सांसद और फिर राज्यसभा सांसद रहे. संथाल जनजाति से ताल्लुक रखने वाले शिबू सोरेन तीन बार केंद्र सरकार में कोयला मंत्री भी रहे. दिल्ली के पूर्व सांसद और बीजेपी नेता वीके मल्होत्रा को भी मरणोपरांत पद्म भूषण: भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता रहे वीके मल्होत्रा का पूरा नाम विजय कुमार मल्होत्रा है.ब्रिटिश भारत में पंजाब प्रांत के लाहौर में जन्मे विजय कुमार मल्होत्रा के परिवार ने विभाजन के बाद दिल्ली को अपना घर बनाया. मल्होत्रा दिल्ली सदर और साउथ दिल्ली लोकसभा सीट से सांसद रहे. वो जनता पार्टी और फिर बीजेपी दिल्ली इकाई के अध्यक्ष भी रहे. केदार नाथ साहनी, मदन लाल खुराना के साथ कभी विजय कुमार मल्होत्रा की तिकड़ी का दिल्ली में काफी नाम था.
वेल्लापल्ली नतेशन का भी केरल से
पद्म श्री पुरस्कार
कवींद्र पुरकायस्थ भी असम के बड़े नेता रहे हैं. कवींद्र पुरकायस्थ का जन्म 15 दिसंबर 1931 को सिलहट जिले (अब बांग्लादेश में) हुआ था और 7 जनवरी 2026 को उनका निधन हुआ. वो भाजपा सरकार में केंद्रीय मंत्री रहे. पुरकायस्थ ने 1998 से 1999 तक अटल बिहारी वाजपेयी सरकार में संचार मंत्री के तौर पर काम किया. वो तीन बार लोकसभा सांसद रहे और असम में भाजपा की जड़े मजबूत करने में उनका अहम योगदान रहा है.उनके बेटे कनाद पुरकायस्थ अभी असम से राज्यसभा सांसद हैं.
वेल्लापल्ली नतेसन : वेल्लापल्ल नतेशन जिन्हें वी नतेसन भी कहा जाता है, वो केरल में हिंदुओं के एझवा समुदाय के बड़े नेता हैं. वो एझवा समुदाय के संगठन एसएनडीपी योगम और एसएन ट्रस्ट के महासचिव हैं. वो केरल में एझवा समुदाय के नेता के तौर पर लगातार तीन बार एसएनडीपी बैठक का प्रमुख चुना गया है.