ODI WC 2027: ‘इतनी मेहनत के बाद भी अहमियत साबित करनी हो, तो नहीं!’ 2027 वर्ल्ड कप खेलने पर विराट कोहली का बड़ा बयान

Virat Kohli on Playing in ODI WC 2027: विराट कोहली ने साल 2027 के वनडे वर्ल्ड कप में खेलने को लेकर चल रही बातचीत पर उन्होंने बेबाकी से कहा कि अभी हम साल 2026 के बीच में हैं, लेकिन फिर भी उनसे कई बार पूछा जा चुका है कि क्या वे 27 के वर्ल्ड कप में खेलेंगे.Virat Kohli on Playing in ODI World Cup 2027: भारत के मशहूर बल्लेबाज़ विराट कोहली ने इंटरनेशनल क्रिकेट में अपने भविष्य और 2027 ODI वर्ल्ड कप खेलने के बारे में खुलकर बात की. उन्होंने कहा कि अगर खेल के प्रति उनके समर्पण के बावजूद उन्हें अपनी काबिलियत और अहमियत साबित करने के लिए मजबूर किया जाता है, तो “वह जगह उनके लिए नहीं है.” साथ ही, उन्होंने कहा कि वह किसी भी सीरीज़ के लिए हमेशा तैयार रहते हैं, चाहे हालात कैसे भी हों. विराट RCB पॉडकास्ट पर बात कर रहे थे, जिसका एक वीडियो फ्रेंचाइज़ी के ऑफिशियल X हैंडल पर शेयर किया गया. किंग कोहली मौजूदा आईपीएल सीजन में ऑरेंज कैप के दावेदारों की लिस्ट में हैं. उन्होंने 12 पारियों में 484 रन बनाए हैं, जिसमें एक शतक और तीन अर्धशतक शामिल हैं. कोहली ने टी20 अंतरराष्ट्रीय और टेस्ट से संन्यास ले लिया है और यह दिग्गज अब सिर्फ 50 ओवर फॉर्मेट ही खेलता है.

2024 T20 वर्ल्ड कप जीतने के बाद T20I से संन्यास
विराट ने साल 2024 T20 वर्ल्ड कप जीतने के बाद T20I से संन्यास ले लिया था, और पिछले साल इंग्लैंड दौरे से पहले खराब फॉर्म के लंबे दौर के बाद टेस्ट क्रिकेट को अलविदा कह दिया था. बीते कुछ समय से वनडे मैचों की संख्या कम हुई है. 37 साल के दिग्गज को 2027 वनडे वर्ल्ड कप तक अधिक मुकाबले नहीं मिलेंगे, इसको लेकर रहरहकर टीम में उनकी जगह को लगातार चर्चा होती रहती है.

कोहली ने अपने वर्ल्ड कप प्लान को लेकर अपना नजरिया रखा है. विराट ने कहा कि अगर उन्हें अपनी अहमियत महसूस होती है और उन्हें लगता है कि वह किसी टीम या माहौल में अपना योगदान दे सकते हैं, तो वह खेलने के लिए तैयार हैं; वरना, “वह उस जगह पर नहीं रहेंगे.”मेरा नजरिया बहुत साफ है – विराट
विराट कोहली मे कहा,”मेरा नजरिया बहुत साफ है. अगर मैं उस टीम या माहौल में अपना योगदान दे सकता हूं, जिसका मैं हिस्सा हूं और टीम को भी ऐसा लगता है, तो मैं योगदान दे सकता हूं, तो मैं जरूर खेलूंगा, लेकिन अगर मुझे यह महसूस कराया जाए कि मुझे अपनी काबिलियत और अहमियत साबित करनी है, तो मैं उस जगह पर नहीं रहूंगा. क्योंकि मैं अपनी तैयारी को लेकर पूरी तरह ईमानदार हूं,”

कोहली ने आगे कहा,”मैं खेल के प्रति अपने नज़रिए को लेकर भी पूरी तरह ईमानदार हूं. मैं पूरी लगन से मेहनत करता हूं. मैं भगवान का बहुत शुक्रगुजार हूं कि उन्होंने मुझे मेरे क्रिकेट करियर में वह सब कुछ दिया है, जो मुझे मिला है, और मैं इस मौके के लिए खुद को बहुत खुशकिस्मत और आभारी महसूस करता हूं. जब मैं खेलने के लिए मैदान पर उतरता हूं, तो मैं पूरी एकाग्रता और लगन से खेलता हूं.” “मैं किसी भी दूसरे खिलाड़ी जितनी ही मेहनत करता हूं, बल्कि शायद उससे भी ज्यादा और मैं यह खेल सही तरीके से खेलता हूं.

टीम के लिए वह सब कुछ करूंगा जो मुमकिन है
कोहली ने आगे कहा,”मैं इस बात की तैयारी करता हूं कि 50 ओवर के खेल में, हर गेंद मुझे ऐसी लगे जैसे वह मेरे करियर की आखिरी गेंद हो और मैं उसी सोच के साथ बैटिंग करूंगा. मैं विकेटों के बीच उसी जोश से दौड़ूंगा और टीम के लिए वह सब कुछ करूंगा जो मुमकिन है. इतनी मेहनत और लगन से खेलने के बाद भी, अगर मुझे ऐसी जगह पर रहना पड़े जहां मुझे अपनी काबिलियत और अहमियत साबित करनी पड़े, तो वह जगह मेरे लिए नहीं बनी है.”

दो दशकों के बाद दिल्ली की टीम में विजय हजारे ट्रॉफी में जिसमें उन्होंने दो मैचों में 208 रन बनाए, जिसमें एक तूफानी शतक और एक अर्धशतक शामिल था. अपनी वापसी के बारे में बात करते हुए विराट ने कहा कि उन्होंने इस टूर्नामेंट को इस सोच के साथ खेला कि उन्हें किसी को कुछ भी साबित नहीं करना है, और वह यह खेल सिर्फ़ खेल के प्रति अपने प्यार की वजह से खेल रहे थे.

क्या यह मेरे लिए काफी प्रेरणादायक होगा?
विराट ने आगे कहा, “सेंटर ऑफ एक्सीलेंस, बेंगलुरु में, जहां मैच हुए थे वहां एक भी दर्शक मौजूद नहीं था. मैं इतने लंबे समय से खेल रहा हूं और मैंने सोचा, क्या यह मेरे लिए काफी प्रेरणादायक होगा, लेकिन जिस पल मेरी सोच बदली और मैंने सोचा कि मैं इसलिए खेलना चाहता हूं क्योंकि मुझे खेलना पसंद है. मुझे बैटिंग करना बहुत पसंद है और मैं बस उसी पर ध्यान देना चाहता हूं और फिर मुझे किसी बात की परवाह नहीं रही. ऐसा नहीं है कि मुझे कुछ महसूस नहीं हुआ,” उन्होंने कहा.

विराट ने कहा कि दिल्ली के लिए VHT में खेलते हुए उन्हें “फिर से एक बच्चे जैसा महसूस हुआ”. “मैंने सोचा, यह किसी और के बारे में नहीं है. यह सिर्फ मेरे और खेल के बारे में है और आगे भी ऐसा ही रहेगा और जिस पल मुझे ऐसा लगेगा कि आप जानते हैं, लोग मेरे लिए चीजों को मुश्किल बनाने की कोशिश कर रहे हैं और कह रहे हैं. तो या तो वो शुरू से ही साफ और ईमानदार रहें, या फिर चुप रहें और मुझे खेलने दें.”

एक आम नौकरी जैसा
विराट ने इसकी तुलना एक आम नौकरी से की, जहां किसी व्यक्ति को एक समय पर पूरा समर्थन मिलता है, लेकिन अगले ही हफ्ते उसकी काबिलियत पर सवाल उठाए जाने लगते हैं. “यह ऐसा है, कि क्यों? या तो मुझे पहले ही दिन बता दो कि मैं काफी अच्छा नहीं हूँ या मेरी ज़रूरत नहीं है. या अगर तुमने कहा है कि मैं काफी अच्छा हूँ और तुम कहते हो कि हम कुछ और सोच भी नहीं रहे हैं, तो चुप रहो. तुम्हें पता है, फिर ऐसा मत करो,” उसने कहा.

कोहली ने अपनी बात जारी रखते हुए कहा, “अगर तुम नतीजों की वजह से कभी ऊपर-नीचे होने लगोगे, तो तुम्हारा रवैया कभी एक जैसा नहीं रह पाएगा और मैं ऐसा इंसान नहीं हूं जो इस तरह का बर्ताव करे. जैसा कि मैंने कहा, जब मैं खेलने आता हूं, तो मुझे पता होता है कि मैं अपनी मेहनत और परफॉर्मेंस के मामले में क्या दे सकता हूं,” उन्होंने आगे कहा की कोई भी परफॉर्मेंस की गारंटी नहीं दे सकता, लेकिन उसे अपनी मेहनत और खेल के प्रति अपने समर्पण के बारे में अच्छी तरह पता है, जिसके इर्द-गिर्द उसने अपनी जीवनशैली बनाई है.

‘मुझे पता है कि मैं क्या दे सकता हूं’
रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) के पॉडकास्ट पर अपनी फिटनेस और क्रिकेट के प्रति समर्पण पर बात करते हुए विराट कोहली ने आलोचकों को करारा जवाब दिया है. उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि वो अच्छी तरह जानते हैं कि वे टीम के लिए क्या योगदान दे सकते हैं क्योंकि वो सचमुच अपनी जिंदगी इसी अनुशासन के साथ जीते हैं. ऐसा बिल्कुल नहीं है कि वे किसी विशेष सीरीज की तैयारी के लिए अचानक दो या तीन हफ्ते पहले कड़ी मेहनत करना शुरू करते हैं, बल्कि वे पूरे साल इसी तरह खुद को फिट रखते हैं. उनका कहना है कि जब भी उन्हें टीम में खेलने के लिए बुलाया जाएगा या कोई सीरीज सामने आएगी, वे मैदान पर उतरने के लिए हमेशा पूरी तरह तैयार मिलेंगे.

कोहली ने आगे अपनी लाइफस्टाइल का जिक्र करते हुए कहा कि हर समय तैयार रहना ही उनकी रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा बन चुका है. वे नियमित तौर पर वर्कआउट करते हैं और घर का बना अच्छा खाना खाते हैं क्योंकि उन्हें इस अनुशासित तरीके से जीना बेहद पसंद है, न कि यह सब वे केवल क्रिकेट खेलने के लिए मजबूरी में करते हैं. साल 2027 के वनडे वर्ल्ड कप में खेलने को लेकर चल रही बातचीत पर उन्होंने बेबाकी से कहा कि अभी हम साल 2026 के बीच में हैं, लेकिन फिर भी उनसे कई बार पूछा जा चुका है कि क्या वे 27 के वर्ल्ड कप में खेलेंगे.

इस सवाल का सीधा जवाब देते हुए विराट ने कहा कि भला वो अपना घर-बार छोड़कर और अपना सारा सामान समेटकर यहां सिर्फ यह कहने के लिए क्यों आएंगे कि उन्हें नहीं पता कि वे भविष्य में क्या चाहते हैं. उन्होंने साफ किया कि अगर वे मैदान पर उतर रहे हैं, तो इसका सीधा मतलब है कि वे देश के लिए क्रिकेट खेलना चाहते हैं और इस सफर को आगे भी जारी रखना चाहते हैं. भारत की तरफ से वर्ल्ड कप खेलना हमेशा एक बेहद शानदार और गर्व का अनुभव होता है. हालांकि, उन्होंने अंत में मैनेजमेंट को संदेश देते हुए एक महत्वपूर्ण बात जोड़ी कि भविष्य में उनके खेलने की अहमियत और इच्छा सिर्फ एकतरफा नहीं, बल्कि दोनों तरफ से होनी चाहिए.

अब तक के सबसे महान ODI बल्लेबाजों में से एक विराट
विराट ने खुद को अब तक के सबसे महान ODI बल्लेबाजों में से एक के तौर पर स्थापित किया है. उन्होंने 311 मैचों की 299 पारियों में 58.71 की औसत और 93.82 के स्ट्राइक रेट से 14,797 रन बनाए हैं, जिसमें 54 शतक और 77 अर्धशतक शामिल हैं. पिछले साल इंटरनेशनल मैचों में कम खेलने के बावजूद (क्योंकि कैलेंडर में ODI फॉर्मेट के मैच कम थे), विराट भारत के लिए सबसे ज़्यादा रन बनाने वाले खिलाड़ी रहे. उन्होंने 13 पारियों में 65.10 की औसत और 96.10 के स्ट्राइक रेट से 651 रन बनाए, जिसमें तीन शतक और चार अर्धशतक शामिल थे.

इस साल, उन्होंने तीन ODI मैच खेले हैं, जिनमें तीन पारियों में 80.00 की औसत और 105 से ज़्यादा के स्ट्राइक रेट से 240 रन बनाए हैं; इसमें एक शतक और एक अर्धशतक शामिल है. IPL के बाद, विराट 14 जून से शुरू होने वाले ODI मैचों में नज़र आएंगे, जब भारत अपने घर पर अफगानिस्तान के खिलाफ ODI सीरीज खेलेगा.