LIVE: पश्चिम एशिया के हालातों पर ऑल पार्टी मीटिंग शुरू, राजनाथ-शाह-जयशंकर मौजूद

पश्चिम एशिया में जारी युद्ध के बीच ऑल पार्टी मीटिंग शुरू हो गई है. इस मीटिंग की अध्यक्षता रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह कर रहे हैं. बैठक में गृह मंत्री अमित शाह और विदेश मंत्री जयशंकर भी मौजूद हैं.पश्चिम एशिया में जारी संकट के बीच बुधवार को ऑल पार्टी मीटिंग हो रही है. इस मीटिंग की अध्यक्षता रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह कर रहे हैं. बैठक में गृह मंत्री अमित शाह और विदेश मंत्री एस. जयशंकर भी मौजूद हैं. इस मीटिंग में सरकार पश्चिमी एशिया के हालातों के बारे में जानकारी देगी. हालांकि, बैठक से पहले कांग्रेस ने मांग की थी कि इसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी मौजूद रहें.

मीटिंग में कौन-कौन मौजूद?

पश्चिम एशिया के हालातों पर जानकारी देने के लिए सरकार की ओर से ये ऑल पार्टी मीटिंग बुलाई गई है. इस मीटिंग की अध्यक्षता रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह कर रहे हैं. बैठक में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, विदेश मंत्री एस. जयशंकर, पेट्रोलियम मंत्री हरदीप पुरी और विदेश सचिव विक्रम मिस्री मौजूद हैं.

वहीं, विपक्ष की ओर से इसमें बीजेडी सांसद सस्मित पात्रा, जेडीयू से ललन सिंह, कांग्रेस से मुकुल वासनिक और तारिक अनवर, समाजवादी पार्टी से धर्मेंद्र यादव और सीपीएम से जॉन ब्रिटास समेत कई सांसद मौजूद हैं. हैदराबाद से AIMIM सांसद असदुद्दीन ओवैसी भी इस बैठक में शामिल हुए हैं.ऑल पार्टी मीटिंग को लेकर आरोप-प्रत्यारोप

ऑल पार्टी मीटिंग के फैसले को कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों ने ‘देर से उठाया गया कदम’ बताते हुए सरकार की विदेश नीति की आलोचना की और सवाल उठाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस अहम चर्चा में शामिल क्यों नहीं हो रहे हैं.

विपक्षी दलों ने कहा था कि यह बैठक बहुत पहले ही हो जानी चाहिए थी और उन्होंने प्रधानमंत्री की ‘गैरमौजूदगी’ पर सवाल उठाया था. उन्होंने कहा कि बड़े वैश्विक संकटों के दौरान ऐसी चर्चाओं का नेतृत्व पारंपरिक रूप से प्रधानमंत्री ही करते आए हैं.

कांग्रेस सांसद मणिकम टैगोर ने कहा कि ‘जब भी किसी गंभीर मुद्दे पर ऐसी बैठकें होती हैं, तो प्रधानमंत्री चाहे वे मनमोहन सिंह हों, अटल बिहारी वाजपेयी हों, या पी.वी. नरसिम्हा राव… हमेशा उनमें शामिल हुए हैं. यह पहली बार है जब प्रधानमंत्री इसमें हिस्सा नहीं ले रहे हैं, जो कि दुर्भाग्यपूर्ण है.’

समाजवादी पार्टी की सांसद डिंपल यादव ने कहा कि ईरान के प्रति सरकार के रवैये से देश में ही संकट पैदा हो गया है. उन्होंने कहा कि ‘हम शुरू से ही यह कहते आ रहे हैं कि इस पर चर्चा होनी चाहिए और सरकार को युद्ध की वजह से देश को जिन भी मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है, उनके लिए तैयार रहना चाहिए.’

BJP ने विपक्ष के आरोपों पर तीखी प्रतिक्रिया दी और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी पर निशाना साधा. केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने कहा कि सरकार सभी जरूरी कदम उठा रही है और उन्होंने एकता बनाए रखने की अपील की. उन्होंने कहा, ‘कुछ लोग गैर-जिम्मेदाराना बयान दे रहे हैं. वे इसे एक नाकाम विदेश नीति या एक ठप पड़ी अर्थव्यवस्था बता रहे हैं. यह एक बड़ा सवाल है कि राहुल गांधी लोकसभा में विपक्ष के नेता हैं या फिर वे खुद देश के ही खिलाफ विपक्ष के नेता बन गए हैं. वे देश और देश की जनता के ही खिलाफ खड़े हो गए हैं.’