रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने शुक्रवार को भुज की धरती से पाकिस्तान के लिए बशीर बद्र का यह शेर पढ़ा.उस भुज की धरती जिसने 1965, 1971 की जंग और 2025 के ऑपरेशन सिंदूर में पाकिस्तान के बदन में सिहरन पैदा कर दी. भारत की सैन्य ताकत के आगे कहां ठहरता है, उन्होंने यह तस्वीर भी पाकिस्तान को दिखा दी. साथ ही मसूद अजहर के आतंकी संगठन जैश ए मोहम्मद को 14 करोड़ की मदद देने वाली पाकिस्तान को हिदायत दी कि वह आतंकी ढांचे को दोबारा खड़ा करने की कोशिश न करे. रक्षा मंत्री ने अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) को भी दो टूक कहा कि उसने दो एक मिलियन डॉलर की जो मदद पाकिस्तान को दी है, वह एक तरह से आतंक के लिए इनडायरेक्ट मदद है. भारत यह कतई नहीं चाहेगा कि उसका दिया पैसा ही सीधे या परोक्ष तौर पर आतंकियों के हाथों में पहुंचे.
पाकिस्तान ध्वस्त आतंकी ढांचे को फिर से खड़ा करने की कोशिश में लग गई है. पाकिस्तानी सरकार वहां के नागरिकों के टैक्स का पैसा जैश ए मोहम्मद के आका मसूद अजहर को 14 करोड़ देने में खर्च करेगी. जबकि संयुक्त राष्ट्र उसे आतंकी घोषित कर चुकी है. लश्कर और जैश के मुरीदके और बहावलपुर के टेरर ढांचे को फिर से खड़ा करने के लिए मदद देने की घोषणा है.