ट्रंप ने घर बुलाकर 16 साल के ‘हीरो’ को नवाजा, समंदर में बचाई थी 10 साल के भारतीय बच्चे की जान- VIDEO

अमेरिका के कैलिफोर्निया में समुद्री तट पर समंदर के खतरनाक लहरों में डूबते 10 साल के एक बच्चे की जान बचाने वाले 16 साल के लाइफगार्ड को राष्ट्रपति ने किया सम्मानित.

समंदर की तेज लहरों के बीच 10 साल के भारतीय मूल के बच्चे की जान बचाने वाले 16 साल के लाइफगार्ड राइडर विलियम्स को अब अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सम्मानित किया है. पिछले महीने कैलिफोर्निया के एक बीच पर बच्चे को बहता देख राइडर ने अपनी जान की परवाह किए बिना उसे बचाया था. इस बहादुरी के लिए ट्रंप ने राइडर और उसके परिवार को व्हाइट हाउस बुलाया और उसकी हिम्मत की तारीफ की. ट्रंप ने 10 साल के नथानिएल राय, उसकी बहन लैला और उसके पिता सुमित राय का भी स्वागत किया.

ट्रंप ने कहा, “यह एक शानदार कहानी है. और कैलिफोर्निया के सांता क्रूज इलाके के 16 साल के लाइफगार्ड राइडर विलियम्स के साथ होना सम्मान की बात है.”

बहादुरी की मिसाल राइडर विलियम्स

राष्ट्रपति ने कहा कि उन्होंने नथानिएल राय से उस मुश्किल अनुभव के बारे में बात की थी. ट्रंप ने कहा, “मैंने पूछा, क्या तुम उसके बिना बच पाते?” तेज लहरों की वजह से इस रेस्क्यू ऑपरेशन ने सबका ध्यान खींचा था. ट्रंप ने कहा कि उन्होंने इसका फुटेज कई बार देखा है. उन्होंने कहा, “मुझे याद है जब मैंने इसे पहली बार देखा, तो मैंने कहा, इसे रिप्ले करो, मैं इसे फिर से देखना चाहता हूं. क्या सच में ऐसा हो रहा है?”

नथानिएल के पिता सुमित राय ने विलियम्स, लाइफगार्ड एरन बोहनेन और रेस्क्यू में मदद करने वाले अन्य लोगों का शुक्रिया अदा किया. सुमित राय ने कहा, “राइडर ने जो किया, वह अद्भुत है. मैं उसका (एरन बोहनेन), बाकी टीम का, और वहां मौजूद उन भले लोगों का भी बहुत आभारी हूं.” उन्होंने आगे कहा कि आज उसके बगल में बैठना और कल उसका जन्मदिन मनाना मेरे लिए बहुत सम्मान की बात है.

विलियम्स ने कहा कि खतरनाक लहरों से जूझते हुए उन्होंने अपनी ट्रेनिंग का सहारा लिया. उन्होंने कहा, “उन खतरनाक पलों में, हम हमेशा अपनी ट्रेनिंग का सहारा लेने की कोशिश करते हैं. हमें ऐसी स्थिति को बेहतर ढंग से संभालने के लिए अच्छी ट्रेनिंग दी जाती है, इसलिए मैं बस यही सोच रहा था कि लड़के को जितनी जल्दी हो सके पानी से कैसे बाहर निकालूं.”

विलियम्स ने कहा कि वह फायरफाइटर बनना चाहते हैं और पैरामेडिक स्कूल में पढ़ना चाहते हैं. जब उनसे पूछा गया कि अपनी जेनेरेशन के लिए उनका क्या मैसेज है, तो उन्होंने कहा, “मुझे उम्मीद है कि हर कोई इससे सीख लेगा और ज्यादा लोगों की मदद करने की कोशिश करेगा, अपने आस-पास के सभी लोगों का ध्यान रखेगा। और, बस, जितना हो सके सबकी मदद करने की कोशिश करेगा.”

वहीं सांता क्रूज में एक्वाटिक्स और लाइफगार्ड ऑपरेशन्स के असिस्टेंट चीफ जस्टिन मैकहेनरी ने कहा कि रेस्क्यू वाले दिन गर्म मौसम, बड़ी लहरों और तेज बहाव की वजह से हालात बहुत खतरनाक हो गए थे. मैकहेनरी ने बताया कि हर साल लगभग 200 लाइफगार्ड को ट्रेनिंग दी जाती है, जिसकी शुरुआत 16 साल की उम्र में होती है. उन्होंने कहा कि इस काम के लिए बहुत ईमानदारी और मजबूती की जरूरत होती है और विलियम्स के कामों ने उन गुणों को दिखाया जो एक स्टेट पार्क लाइफगार्ड में होने चाहिए.

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