यूक्रेन के 3 ठिकानों पर हमले की तैयारी में था ईरान, माफी के बाद रोका ऑपरेशन- एक नई जंग की आहट?

Caspian Sea strike: 25 जुलाई को कैस्पियन सागर में ईरान के कारोबारी जहाज पर यूक्रेन का हमला हुआ था. अब ईरान का कहना है कि यूक्रेन इस हमले को गलती से हुआ हमला बता रहा है.

कैस्पियन सागर में एक ईरानी कारोबारी जहाज पर हुए ड्रोन हमले को लेकर ईरान और यूक्रेन के बीच तनाव बढ़ गया है. यूक्रेन का कहना है कि 25 जुलाई को हुआ यह हमला गलती से हुआ था, लेकिन ईरान इस दावे पर भरोसा करने को तैयार नहीं है. तेहरान का दावा है कि उसके पास ऐसे सबूत हैं, जो बताते हैं कि हमला जानबूझकर किया गया था. सुप्रीम लीडर अली खामेनेई के एक सीनियर सैन्य सलाहकार ने बताया है कि ईरान यूक्रेन में तीन जगहों पर हमले करने की तैयारी में था, लेकिन यूक्रेनी सरकार की ओर से कथित रूप से माफी मांगने के बाद उसने यह ऑपरेशन रद्द कर दिया.

अभी ईरान यूक्रेन के अगले कदम का इंतजार कर रहा है और साफ चेतावनी दे चुका है कि वह इस घटना के लिए यूक्रेन को जिम्मेदार ठहराने के लिए जरूरी कार्रवाई करेगा. इससे एक नए मोर्चे पर जंग की सूरत बनती जा रही है.

ईरान ने क्या कहा?

ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने सोमवार को कहा कि ईरान अब यह देखना चाहता है कि यूक्रेन कैस्पियन सागर में ईरानी कारोबारी जहाज पर हुए ड्रोन हमले को लेकर अपने दावे के समर्थन में कोई ठोस कदम उठाता है या नहीं. ईरानी समाचार एजेंसी आईएसएनए ने यह जानकारी दी. आईएसएनए ने बघाई से पूछा था कि हमले और दोनों देशों के विदेश मंत्रियों के बीच हुई फोन पर बातचीत के बाद क्या यूक्रेन की सफाई से ईरान संतुष्ट है. इसके जवाब में बघाई ने कहा कि यूक्रेनी अधिकारियों ने लगातार यही कहा है कि यह हमला जानबूझकर नहीं किया गया था.

बघाई ने कहा, “यूक्रेनी अधिकारियों ने विदेश मंत्री से सीधे बातचीत के दौरान और हमें भेजे गए मैसेज में इस बात पर जोर दिया कि यह कार्रवाई जानबूझकर नहीं की गई थी.” हालांकि, उन्होंने कहा कि ईरान के पास ऐसे सबूत हैं जो यूक्रेन की इस सफाई से मेल नहीं खाते. उन्होंने कहा कि बहुत स्पष्ट सबूत, जिनमें यूक्रेन के राष्ट्रपति के सार्वजनिक बयान भी शामिल हैं, यह संकेत देते हैं कि यह हमला जानबूझकर किया गया था.

ईरानी प्रवक्ता ने चेतावनी देते हुए कहा कि तेहरान यूक्रेन को जवाबदेह ठहराने और भविष्य में ऐसी घटना दोबारा न हो, इसके लिए जरूरी कदम उठाएगा. 29 जुलाई को ईरान ने यूक्रेन से अपने नुकसान की भरपाई की मांग की थी. 25 जुलाई को कैस्पियन सागर में हुए इस हमले में एक व्यक्ति की मौत हो गई थी. ईरान के विदेश मंत्री सैय्यद अब्बास अराघची ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि यूक्रेन के विदेश मंत्री आंद्री सिबिहा ने उन्हें भरोसा दिलाया है कि यूक्रेन तनाव बढ़ाना नहीं चाहता.

यह पूरा कूटनीतिक विवाद उस पोस्ट के बाद शुरू हुआ, जिसमें यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने एक्स पर दावा किया था कि यूक्रेन ने रूस के सैन्य ठिकानों पर लंबी दूरी से हमले किए हैं। इन हमलों में कैस्पियन सागर से जुड़े कुछ ठिकाने भी शामिल थे.

यूक्रेन के तीन ठिकानों पर हमला करने वाला था ईरान

1980-1988 के ईरान-इराक युद्ध के दौरान IRGC के पूर्व कमांडर और सुप्रीम लीडर के सलाहकार मेजर जनरल मोहसेन रेजाई ने कहा है कि ईरान यूक्रेन में तीन जगहों पर हमला करने के लिए तैयार था, लेकिन कीव के यह कहने पर कि हमले की यह घटना एक गलती थी, ईरान ने जवाबी कार्रवाई रोक दी. ईरान के सरकारी टेलीविजन को दिए एक इंटरव्यू में मोहसेन रेजाई ने कहा कि ऑपरेशन रोके जाने से पहले ही ईरान की सेना ने हमले की तैयारी पूरी कर ली थी.

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