ट्रंप पर भरोसा कौन करे? ईरान हमले का इंतजार करता रह गया इजरायल, सोशल मीडिया से पता चला कि प्लान कैंसिल है

इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू, रक्षा मंत्री इजरायल काट्ज और दूसरे सीनियर अधिकारियों को भी ट्रंप के यू-टर्न के फैसले के बारे में सीधे बातचीत के बजाय ‘ट्रुथ सोशल’ पर ट्रंप की पोस्ट से पता चला- रिपोर्ट

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के काम करने का तरीका एकदम अलग हैं, वह प्लान तो 10 लोगों को जमा करके बनाते हैं लेकिन प्लान से पीछे हटने का फैसला खुद ले लेते हैं और अपने उन दोस्तों को सीधे मुंह बताते भी नहीं हैं. एक बार फिर यह बात साबित हुई है और इसबार भी झटका इजरायल को लगा है. ईरान के खिलाफ जंग में अमेरिका और इजरालय ही कूदे हैं लेकिन डोनाल्ड ट्रंप फैसले एकतरफा ले रहे हैं. डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर इजरालय के साथ मिलकर ईरान पर बहुत बड़े हमले का प्लान बनाया था, लेकिन वह आखिरी वक्त में पीछे हट गए और कथित तौर पर इजरायल को बताया भी नहीं. इजरायल को ट्रंप के इस फैसले की जनकार सोशल मीडिया के जरिए मिली.

इजरालय के चैनल 12 की एक रिपोर्ट के मुताबिक, इजराइल के रक्षा और राजनयिक अधिकारियों का कहना है कि ईरान पर अमेरिका के साथ मिलकर किए जाने वाले हमले की योजना के बारे में उन्हें घंटों तक कोई जानकारी नहीं दी गई और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इसे एकतरफा रद्द कर दिया.

ईरान पर बहुत बड़ा हमला करने वाले थे ट्रंप

अमेरिकी राष्ट्रपति ने खुद मीडिया को आकर कहा कि यह एक बहुत बड़ा हमला होने वाला था. “यह हमला दूसरे विश्व युद्ध के बाद का सबसे बड़ा हमला होता. लेकिन उन्होंने (ईरान ने) हमसे ऐसा न करने को कहा. उन्होंने कहा, प्लीज ऐसा मत कीजिए. उनके पड़ोसियों ने भी यही कहा. और इसलिए अब हम देखेंगे कि क्या हम परमाणु हथियार खत्म करने की दिशा में कोई समझौता कर सकते हैं या नहीं…”

यानी ट्रंप मान रहे हैं कि वह ईरान पर एक बहुत बड़े हमले के लिए तैयार थे लेकिन आखिरी वक्त में उन्होंने कदम खींच लिए हैं. हालांकि यह पहली बार नहीं है जब ट्रंप ने यह कदम उठाया है. पांच महीने की जंग में वह कई बार ऐसे यूटर्न ले चुके हैं. रिपोर्ट के अनुसार इजरायल को इसकी जानकारी नहीं दी गई.

इजरायल के एक सीनियर अधिकारी ने कहा, “हम घंटों तक बहुत ज्यादा अनिश्चितता की हालत में थे.” अधिकारी के मुताबिक, ट्रंप ने इजरायल को कोई साफ जानकारी नहीं दी और सीनियर अधिकारियों को सोशल मीडिया पर उनकी पोस्ट से ही पता चला कि क्या हो रहा है. अधिकारी ने आगे कहा कि जब ट्रंप ने हमला रद्द करने का ऐलान किया, तो इजरायल को लगा कि उसे नजरअंदाज कर दिया गया है.

खबरों के मुताबिक, प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू, रक्षा मंत्री इजरायल काट्ज और दूसरे सीनियर अधिकारियों को भी इस फैसले के बारे में सीधे बातचीत के बजाय ‘ट्रुथ सोशल’ पर ट्रंप की पोस्ट से पता चला. शुरू में इजरायल को शक था कि यह ईरान को बिना मौका चोट देने की कोई चाल हो सकती है, लेकिन बाद में इजरायल के सैन्य और राजनयिक अधिकारियों ने अमेरिकी अधिकारियों से पुष्टि की कि ट्रंप ने सचमुच अपना रुख बदल लिया था.

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