‘गंदी नाली के कीड़े बन गए, मेरी चेतावनी है…’, ‘कॉकरोचों’ पर भड़के शक्तिमान, बोले- इन्हें बाहर फेंको

कंगना रनौत और सुदेश बैरी के बाद मुकेश खन्ना ने भी CJP पर गुस्सा निकाला है और कहा है कि इन कॉकरोचों को बाहर फेंक देना चाहिए। ये सरकार गिराने के इरादे लेकर आए थे। उन्होंने प्रदर्शनकारियों पर भी निशाना साधा और कहा कि वो असली छात्र नहीं थे, जो नीट समस्या को लेकर थे। साथ ही उन्होंने छात्रों को भी चेतावनी दी।हाल ही जहां कंगना रनौत ने कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) पर गुस्सा निकाला था और प्रदर्शन करने वाले छात्रों को ‘गटर छाप’ कहा था, वहीं अब वेटरन एक्टर मुकेश खन्ना भी भड़क गए हैं। उन्होंने जंतर-मंतर पर चले छात्रों के विरोध-प्रदर्शनों को लेकर चल रहे विवाद पर अपनी राय रखी है। साथ ही उन्हें खूब जमकर सुनाया है, जिन्होंने इस प्रदर्शन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ कथित तौर पर अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया और गालियां दीं। मुकेश खन्ना ने एक वीडियो शेयर कर CJP पर गुस्सा निकाला और कहा कि इससे पहले कि बहुत देर हो जाए, इन कॉकरोच को बाहर फेंक दो।

बता दें कि कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) को जहां बहुत सपोर्ट मिला, तो वहीं अब उनकी खूब आलोचना भी हो रही है। हाल ही कंगना द्वारा किए गए वार के बाद एक्टर सुदेश बैरी ने भी उन पर निशाना साधा था और उन्हें ‘भिखारी और लकवा मारे हुए’ कहा था। अब मुकेश खन्ना भी बरस पड़े हैं। इंस्टाग्राम पर शेयर किए गए एक वीडियो में मुकेश खन्ना ने कहा कि भले ही वह अभी भारत से बाहर हैं, लेकिन सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए वह हर घटनाक्रम पर बारीकी से नजर रखे हुए हैं।

मुकेश खन्ना भड़के- ये वो छात्र नहीं हैं जो नीट लीक को लेकर आंदोलन कर रहे थे

मुकेश खन्ना बोले, ‘इस वक्त मैं इंडिया से बाहर हूं, लेकिन रील्स, इंस्टाग्राम और यूट्यूब के जरिए मेरी नजर इंडिया पर बनी है। दो दिन पहले ही मैंने एक वीडियो डाली थी, जिसमें मैंने चिंता जताई थी कि अगर ये हमारे युवा हैं, अगर ये हमारी जेन ज़ी है, और अगर आने वाले 25 साल बाद हमारा देश इनके कंधों पर टिकने वाला है, तो आप समझ सकते हैं कि हमारे देश का क्या हाल है होगा। लेकिन जितना मैंने देखा है और जितना लोगों को इस मुद्दे पर बोलते हुए सुना है, उससे मुझे ये महसूस हुआ कि ज्यादा लोग इस बात से सहमत हैं कि ये हमारे देश के असली छात्र नहीं हैं। ये वो छात्र नहीं हैं जो नीट या पेपर लीक की समस्या को लेकर आंदोलन कर रहे थे।’

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