विराट-रोहित को दिग्गज की चेतावनी, बोले- ‘लय में आने के लिए 1-2 मैच नहीं मिलेंगे’

2027 वनडे वर्ल्ड कप को लेकर विराट कोहली और रोहित शर्मा के भविष्य पर चल रही चर्चाओं के बीच पूर्व भारतीय विकेटकीपर दीप दासगुप्ता ने बड़ा बयान दिया है.

Rohit, Kohli Face World Cup Warning: वर्ल्ड कप 2027 अक्टूबर-नवंबर में खेला जाने वाला है. ऐसे में अभी से ही भारतीय टीम मैनेजमेंट वर्ल्ड कप के लिए तैयारियां कर रही है. इन्हीं तैयारियों को लेकर विराट कोहली और रोहित शर्मा के फ्यूचर को लेकर बात होती है. हाल ही में इंग्लैंड के खिलाफ वनडे सीरीज में पहले दो मैच में फ्लॉप रहने पर रोहित शर्मा का करियर खत्म मान लिया गया था और काफी बातें हुई थी. हालांकि लॉर्ड्स में रोहित ने शतक लगाकर आलोचना करने वालों को करारा जवाब दिया था. लेकिन सीनियर खिलाड़ियों के फॉर्म को लेकर सवाल खत्म नहीं हुआ है. अब भारत के पूर्व विकेटकीपर दीप दासगुप्ता वर्ल्ड कप 2027 को ध्यान में रखते हुए विराट कोहली और रोहित शर्मा को लेकर बयान दिया है जिसने फैन्स के बीच सुर्खियां बटोर ली है.

भारत के पूर्व विकेटकीपर दीप दासगुप्ता ने विराट कोहली और रोहित शर्मा को चेतावनी दी कि वे अपनी फॉर्म पाने के लिए 1-2 मैच न लें, उन्होंने कहा कि उन्हें सीरीज के पहले ही मैच से शानदार शुरुआत करनी होगी. दीप दासगुप्ता ने अपने यू-ट्यूब चैनल पर कहा, “यह बातचीत सिर्फ उनसे ही नहीं, बल्कि सभी खिलाड़ियों से होनी चाहिए कि उन्हें सीरीज की अच्छी शुरुआत करनी है और पहले ही मैच से जबरदस्त खेल दिखाना है. यह एक चुनौती है.आप लय में आने के लिए एक या दो मैच नहीं ले सकते. लेकिन यहीं पर सपोर्ट स्टाफ की भूमिका अहम हो जाती है, वे खिलाड़ियों के साथ बातचीत करते हैं और ऐसा माहौल बनाते हैं जिससे हर खिलाड़ी अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन कर सके.”

उन्होंने आगे कहा, “टीम में उनकी जगह को लेकर उनसे किसी बातचीत की जरूरत नहीं है. चार साल पहले भी ऐसा नहीं था कि हर सीरीज़ से पहले उन्हें याद दिलाना पड़ता था कि वे टीम में होंगे. वे जानते थे कि अपने प्रदर्शन के दम पर वे टीम में रहेंगे. तो अब यह कैसे बदल सकता है? यह न तो बदलता है और न ही बदलना चाहिए.”

कोहली-रोहित के लिए अलग तरह की चुनौती

पूर्व विकेटकीपर ने आगे कहा कि, “उनके भविष्य को लेकर हो रही चर्चा इसलिए बढ़-चढ़कर हो रही है क्योंकि वे सिर्फ एक ही फॉर्मेट में खेलते हैं. जब आप कई  फॉर्मेट में खेलते हैं, तो अगर आप एक में नाकाम रहते हैं लेकिन दूसरे में अच्छा स्कोर करते हैं, तो नाकामी को भुला दिया जाता है.  इसलिए, इन दोनों के लिए यह एक ऐसी चुनौती है जिसे नकारा नहीं जा सकता. लोग याद रखेंगे कि उन्होंने इस फॉर्मेट में पिछली बार क्या किया था क्योंकि वे सिर्फ एक ही  फॉर्मेट में खेलते हैं. लेकिन उनसे वैसी ही बातचीत होनी चाहिए जैसी 3 साल पहले होती थी.”

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