ईरान-अमेरिका युद्ध में रूस-यूक्रेन की एंट्री, जानिए कैसे आ रहा नाम और इसका अंजाम

ईरान-अमेरिका युद्ध में एक बार फिर धमाके बंद हैं, मगर इसे और दहलाने की घटनाएं दुनिया के कई कोनों में हो रही हैं. ताजा मामला कैस्पियन सागर बना. अब ईरान बदला लेने की बात कर रहा है.

अमेरिका ने फिलहाल के लिए ईरान पर अटैक बंद कर दिए हैं. बताया जा रहा कि मिसाइलों की कमी के कारण उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने ट्रंप को इसके लिए राजी किया. मगर अब इस युद्ध में रूस-यूक्रेन की एंट्री हो गई है. ऐसे में अब इस युद्ध का दायरा फैलने की भी आशंका जताई जा रही है. अब तक अमेरिका ट्रंप की अगुवाई में यूक्रेन पर बहुत ज्यादा ध्यान नहीं दे रहा है. वहीं यूरोप ईरान युद्ध में अभी चुप्पी साधे हुए है.

कैसे हुई यूक्रेन की एंट्री

ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने रविवार को चेतावनी दी कि उनका देश कैस्पियन सागर में यूक्रेनी हमले का जवाब देगा, जिसमें एक ईरानी जहाज को निशाना बनाया गया था. यह बयान यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की के उस दावे के बाद आया है जिसमें उन्होंने कहा था कि कीव ने कैस्पियन सागर में ईरान से जुड़े सैन्य सामान ले जा रहे जहाजों पर लंबी दूरी के हमले किए हैं. इससे यूक्रेन में रूस के युद्ध का दायरा और अधिक अंतरराष्ट्रीय होता दिख रहा है.

ईरान ने दी धमकी

अराघची ने ‘X’ पर कहा, “जेलेंस्की ने ईरान के एक कमर्शियल जहाज पर हमला किया, जिसमें एक नाविक की मौत हो गई.” उन्होंने इसे संयुक्त राष्ट्र चार्टर का खुला उल्लंघन बताया और कहा कि यह हमला इजरायल के कहने पर यूरोप को युद्ध में घसीटने के लिए किया गया था. ईरान के विदेश मंत्रालय ने कहा कि इस्लामिक गणराज्य ने रूस और यूक्रेन के बीच संघर्ष में कभी दखल नहीं दिया है. उन्होंने आगे कहा कि यूरोपीय संघ की काजा कल्लास और रूस के शीर्ष राजनयिक सर्गेई लावरोव के साथ बातचीत के दौरान उन्होंने साफ कर दिया कि कीव में बैठे ‘मुफ्तखोर’ ने जो किया है, उसका जवाब जरूर दिया जाएगा.”

रूस कर रहा ईरान की मदद?

इससे पहले शनिवार को शाम के अपने संबोधन में जेलेंस्की ने रूस पर बड़ा आरोप लगाया. उन्होंने मॉस्को पर आरोप लगाया कि वह ईरान को सैटेलाइट से मिली जानकारी (इंटेलिजेंस) दे रहा है ताकि ईरान अमेरिकी सैन्य ठिकानों और खाड़ी देशों की सुविधाओं पर हमले कर सके. साथ ही, उन्होंने यह भी बताया कि मॉस्को अपनी सेना को मजबूत करने के लिए 30,000 उत्तर कोरियाई सैनिकों को बुलाने की तैयारी कर रहा है. X पर दी गई अपनी चेतावनी में, जेलेंस्की ने बताया कि यूक्रेनी खुफिया एजेंसी ने अमेरिकी सैन्य ठिकानों और खाड़ी देशों के बुनियादी ढांचे पर रूस की सक्रिय सैटेलाइट निगरानी का पता लगाया है. उन्होंने कहा कि यह जानकारी बाद में ईरान को भेज दी जाती है.

अगर ये सच हुआ तो..

जेलेंस्की जिस तरह से ईरान युद्ध में दिलचस्पी ले रहे हैं, ऐसा लग रहा है कि वो दोनों युद्धों को एक में मिलाना चाहते हैं. इस तरह से यूरोप से लेकर अमेरिका और  मध्य पूर्व से लेकर एशिया तक में इस युद्ध का दायरा फैल जाएगा. मतलब अफ्रीका को छोड़कर लगभग सभी महाद्वीप युद्ध में किसी ना किसी पक्ष में उलझ जाएंगे. ईरान के विदेश मंत्री ने यही आरोप भी जेलेंस्की पर लगाए हैं कि वो यूरोप को इस युद्ध में शामिल करना चाहते हैं.

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