शोले के गब्बर का वो कॉमेडी सीन, जिसके लिए अमजद खान ने जीता अवॉर्ड, वीडियो देख हंस हंस कर हो जाएंगे लोटपोट

अमजद खान ने ‘शोले’ में विलेन गब्बर की भूमिका में जान डाली थी. लेकिन क्या आप जानते हैं कि उनकी कॉमेडी को भी उतना ही पसंद किया था.

हिंदी सिनेमा के अभिनेता रहे अमजद खान ने फिल्म ‘शोले’ में गब्बर का ऐसा किरदार निभाया कि आज भी उनकी एक्टिंग की कहानियां जिंदा हैं. महज 51 वर्ष की छोटी आयु में 27 जुलाई 1992 को दिल का दौरा पड़ने से उनका निधन हो गया था. अमजद खान ने विलेन के किरदार में बॉलीवुड में अपनी जगह बनाई. लेकिन क्या आप जानते हैं कि शोले के गब्बर ने कॉमेडी के रोल के लिए बेस्ट परफॉर्मेंस इन कॉमिक रोल जीता था. जी हां. हम आपको अमजद खान की कॉमेडी फिल्म का ऐसा ही सीन दिखाने वाले हैं, जिसे देख इंटरनेट यूजर्स भी हंस हंसकर लोटपोट होते नजर आ रहे हैं.

अमजद खान ने 11 की उम्र में किया डेब्यू

मध्य प्रदेश के रीवा जिले में 12 नवंबर 1940 को जयंत खान के घर जन्मे अमजद खान ने बचपन से ही अभिनय करना शुरू कर दिया था. सिर्फ 11 वर्ष की उम्र में ‘नाजनीन’ फिल्म में अभिनय किया था. उनको अभिनय की कला विरासत में मिली थी क्योंकि उनके पिता खुद मशहूर अभिनेता थे. 17 वर्ष की उम्र में अमजद फिल्म ‘अब दिल्ली दूर नहीं’ में पिता के साथ अभिनय करते नजर आए थे. इसके बाद उन्होंने कई फिल्मों में काम किया.

डायरेक्टर बन भी छाए अमजद खान

वर्ष 1973 में फिल्म ‘हिंदुस्तान की कसम’ में अमजद खान पहली बार सिल्वर स्क्रीन पर कलाकार के तौर पर सामने आए. इसके बाद वर्ष 1975 में फिल्म ‘शोले’ में गब्बर सिंह की भूमिका निभाकर उन्होंने हिंदी सिनेमा जगत में अलग ही पहचान बना ली. थिएटर और फिल्मों में काम करने के साथ ही अमजद खान ने निर्देशन में भी हाथ आजमाया. बतौर निर्देशक वर्ष 1983 में पहली बार फिल्म ‘चोर पुलिस’ में हाथ आजमाया था. इसके बाद वर्ष 1985 में फिल्म ‘अमीर आदमी गरीब आदमी’ उनके निर्देशन में बनी और सफल भी रही.

कॉमिक रोल के लिए जीता अवार्ड

अमजद खान को वर्ष 1976 में बीएफजेए अवार्ड्स में ‘शोले’ के लिए सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेता का अवार्ड दिया गया. इसके अलावा उन्होंने फिल्म ‘दादा’ और ‘याराना’ में सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेता का अवार्ड अपने नाम किया. फिल्म ‘मां कसम’ में उन्होंने बेस्ट परफॉर्मेंस इन कॉमिक रोल का अवार्ड जीता था. अमजद खान की अभिनय के साथ ही साहित्य में रुचि थी. उन्होंने दर्शनशास्त्र में प्रथम श्रेणी में मास्टर डिग्री हासिल की थी. इसके साथ ही उनको कई भाषाओं की जानकारी थी. अंग्रेजी और उर्दू के अलावा वे फारसी भाषा में भी काफी पारंगत थे. वर्ष 1972 में उन्होंने शेहला खान से निकाह किया था. अमजद और शेहला के तीन बच्चे हुए. फिल्मों में निभाए उनके किरदार आज भी लोगों के दिलों में जिंदा है. 27 जुलाई 1992 को दिल का दौरा पड़ने से उनका निधन हो गया था.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *