उपराष्‍ट्रपति चुनावों की हलचल के बीच दिल्‍ली क्‍यों आ रहे आंध्र के सीएम चंद्रबाबू और उनके मंत्री

दिल्‍ली पहुंचने से पहले आंध्र के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने एनडीए की जमकर तारीफ की. इसके साथ ही उन्‍होंने राज्य को कर्ज में धकेलने के लिए पिछली वाईएसआरसीपी सरकार की आलोचना की.

आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू इस महीने की 20 तारीख को होने वाली एनडीए नेताओं की मीटिंग में शामिल होने के लिए रविवार रात दिल्ली के लिए रवाना होंगे. मुख्यमंत्री एनडीए के उपराष्ट्रपति पद के उम्मीदवार के नामांकन समारोह में भी शामिल होंगे. अपनी यात्रा के दौरान, चंद्रबाबू नायडू के कई केंद्रीय मंत्रियों से मिलने की उम्मीद है. नायडू के अलावा आंध्र प्रदेश के आईटी और मानव संसाधन विकास मंत्री नारा लोकेश भी दिल्‍ली पहुंच रहे हैं. यहां पर वह‍  केंद्र सरकार के साथ राज्य की प्रमुख परियोजनाओं पर चर्चा करेंगे जो काफी समय से अटकी हुई हैं.

दिल्‍ली आने से पहले NDA की तारीफ 

दिल्‍ली पहुंचने से पहले आंध्र के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने एनडीए की जमकर तारीफ की. इसके साथ ही उन्‍होंने राज्य को कर्ज में धकेलने के लिए पिछली वाईएसआरसीपी सरकार की आलोचना की.  उन्‍होंने कहा कि ‘सुपर सिक्स’ चुनावी वादा था जो सुपरहिट साबित हुआ. नायडू के अनुसार 94 फीसदी के स्ट्राइक रेट के साथ आंध्र प्रदेश के लोगों ने एक साइलेंट क्रांति की और साल 2024 के चुनावों में तेलुगु देशम पार्टी (टीडीपी) के नेतृत्व वाले एनडीए को राज्य में लेकर आए. उनका दावा है कि पिछले एक साल में राज्‍य में कल्याण, विकास और सुशासन पर केंद्रित एनडीए सरकार को जनता की सेवा करने में अपार संतुष्टि मिली है.

नायडू के मंत्री की खास मीटिंग्‍स

वहीं नायडू के कैबिनेट में मंत्री लोकेश के केंद्रीय रेल, आईटी और इलेक्ट्रॉनिक्स मंत्री अश्विनी वैष्णव से भी मिलने की उम्‍मीद है. कयास लगाए जा रहे हैं कि वह राज्य के लिए एक सेमीकंडक्टर मैन्‍युफैक्‍चरिंग यूनिट को मंजूरी देने के लिए व्यक्तिगत तौर पर उनका शुक्रिया अदा कर सकते हैं. इसके अलावा लोकेश केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी, पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी, बंदरगाह, जहाजरानी एवं जलमार्ग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल, वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल और विदेश मंत्री एस. जयशंकर के साथ भी बैठकें करेंगे. राज्य सरकार द्वारा चर्चा के दौरान इन सभी मंत्रालयों के समक्ष प्रस्तावों का एक सेट प्रस्तुत किए जाने की उम्मीद है.