Hydrogen Train: पीएम मोदी ने हरियाणा के जींद में भारत की पहली हाइड्रोजन ट्रेन को हरी झंडी दिखा दी है. यह ट्रेन जींद से सोनीपत के बीच चलेगी. पीएम मोदी ने कहा कि यह हाइड्रोजन सबसे खास है.प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत की पहली हाइड्रोजन ट्रेन की शुरुआत कर दी है. यह ट्रेन हरियाणा के जींद से सोनीपत के बीच चलेगी, जिसका सफर 90 किलोमीटर का होगा. हाइड्रोजन फ्यूल से चलने वाली यह ट्रेन खास मानी जा रही है. क्योंकि 10 कोच के साथ दुनिया की फिलहाल सबसे लंबी हाइड्रोजन ट्रेन है. इस दौरान पीएम मोदी ने 1400 करोड़ रुपए के अन्य विकासकार्यों की सौगात भी हरियाणा को दी है. उन्होंने कहा कि मेरा हरियाणा और जींद से पुराना नाता रहा है. यहां मैं स्कूटी से आता था. जींद का घी, जींद का घेवर नहीं बदला है. लेकिन जींद के तेवर जरूर बदल गए हैं.
भारत की हाइड्रोजन ट्रेन सबसे ताकतवर: पीएम मोदी
पीएम मोदी ने कहा ‘भारत की हाइड्रोजन ट्रेन सबसे ताकतवर और सबसे खास है. अगर हम रेलवे के इतिहास पर नजर डाले तो 19 वीं सदी के रेलवे कोयले से चलते थे. 20 वीं सदी में ट्रेन डीजल और बिजली से चलती थी. अब 21वीं की सदी की रेल हाईड्रोजन से चलने वाली है. भारत ने इस मामले में बड़ा स्टेप लिया है. जींद से सोनीपत के बीच चलने वाली हाईड्रोजन ट्रेन का सफर 90 किलोमीटर का होगा. लेकिन भविष्य में हम इसका विस्तार करेंगे. हम इस पर रिसर्च करते रहेंगे. बड़ी जांच पड़ताल के बाद कदम उठाते जाएंगे. दुनिया में अभी हाइड्रोजन को आए हुए हैं 7 से 8 साल ही हुए हैं. दुनिया के चार देशों में ही यह ट्रेन चल रही है. लेकिन भारत की हाईड्रोजन ट्रेन सबसे खास है.’
‘3200 हार्सपॉवर है ताकत’
3200 हार्सपॉवर के साथ यह सबसे ताकतवर ट्रेन है. यह ताकतवर ही नहीं दुनिया की सबसे लंबी हाईड्रोजन ट्रेन भी है. भारत ने पहली बार में सीधे 10 कोच वाली ट्रेन चलाकर दुनिया में अपना झंडा गाड़ दिया है. मैं आपको गर्व की एक बात और बताता हूं. यह धुआं रहित है, यह मेक इन इंडिया का उदाहरण है. इसे भारत के इंजीनियर ने बनाया है और भारत की ही कंपनी ने ही बनाया है.’यह 2014 से पहले वाला भारत नहीं है: पीएम मोदी
पीएम मोदी ने कहा ‘मिडिल ईस्ट में होर्मुज स्ट्रेट में लगातार युद्ध जैसी स्थिति बनी है. इसका असर भारत पर भी हो रहा है. क्योंकि यही से देश में डीजल-पेट्रोल, खाद और अन्य जरुरी सामान आता है, लेकिन 2014 से पहले इस तरह की स्थिति बनी होती तो देश का रेल नेटवर्क संकट में आ जाता. उस समय रेलवे का बड़ा हिस्सा डीजल पर ही निर्भर था. ऐसे में डीजल की परेशानी से आपूर्ति बाधित होती तो ट्रेनों का संचालन भी प्रभावित होता. लेकिन अब स्थितियां बदल चुकी हैं यह 2014 वाला भारत नहीं है, यह नया भारत है. यह मोदी हैं जो बहुत पहले सोचता है और बहुत पहले समस्याओं के समाधान के लिए जमीन पर भी उतारता है.
भारत में बिजलीकरण 1925 से शुरू हुआ, तब से लेकर 2014 तक 90 सालों में देश के रेलवे नेटवर्क का 30 प्रतिशत हिस्सा ही बिजलीकृत हुआ था, जबकि 70 प्रतिशत हिस्सा डीजल पर निर्भर था. उसी रफ्तार से काम चलता तो पूरे रेलवे नेटवर्क को 100 प्रतिशत बिजलीकरण करने में 200 साल लग जाते. लेकिन पिछले 12 सालों में देश की स्थिति बदली है. देश के करीब 99 प्रतिशत रेल नेटवर्क का बिजलीकरण किया जा चुका है. जिससे डीजल पर निर्भरता कम हुई है. डीजल संकट होने के बाद भी रेलवे पर असर नहीं पड़ा है.’
‘जींद का नाम इतिहास में दर्ज’
जींद की तारीफ करते हुए पीएम मोदी ने कहा ‘शक्तिपीठ माता जयंती का नाम और आशीर्वाद इस शहर बना है. मेरा तो जींद से पुराना नाता है. यहां मुझे कई पुराने परिचित चेहरे दिख रहे हैं. कई दशक पहले मैं संगठन के काम से जींद आया था. मुझे यहां के लोगों ने जो प्रेम और अपनत्व दिया था. वह आज तक भूला नहीं हूं. मुर्रा भैंस का दूध-दही और घी, जींद का देसी बूरा, जींद का घेवर सब यादें जुड़ी हैं. आज जींद और पूरे हरियाणा का नाम इतिहास के पन्नों में दर्ज हो गया है, क्योंकि इसी धरती से भारत को पहली हाइड्रोजन ट्रेन मिली है. भारत की पहली ट्रेन मुंबई और ठाणे के बीच चली थी, लेकिन जब हाइड्रोजन ट्रेन का जिक्र होगा तो सबसे पहले जींद, सोनीपत और हरियाणा का नाम गर्व के साथ लिया जाएगा. ‘
जींद से सोनीपत के बीच चलेगी हाइड्रोजन ट्रेन
भारत की पहली हाइड्रोजन ट्रेन जींद से सोनीपत के बीच चलेगी. यह कुल 90 किलोमीटर का सफर होगा. भारत से पहले अब तक स्वीडन, फ्रांस, जर्मनी और चीन में ही हाइड्रोजन ट्रेनें चल रही थी. जबकि अब भारत पांचवां ऐसा देश होगा, जिसमें हाइड्रोजन ट्रेन चलेगी. यह ट्रेन 10 कोच वाली होगी. जिसकी रफ्तार 75 किलोमीटर प्रतिघंटे रहेगी. इसका किराया 5 रुपए से 25 रुपए के बीच में रखा गया है. यह ट्रेन 2 घंटे में अपना सफर पूरा कर लेगी.