अमेरिका ने ईरान को दी बड़ी राहत, 21 अगस्त तक क्रूड ऑयल के प्रोडक्शन, बिक्री और डिलीवरी की इजाजत

अमेरिका ने ईरान को तेल बेचने की छूट दे दी है. ये ढील 21 अगस्त 2026 तक है. दोनों देशों के बीच अंतिम समझौते की मियाद भी 60 दिन की है. इस छूट में क्यूबा और नॉर्थ कोरिया को अलग रखा गया है.अमेरिका ने ईरान पर लगी पाबंदी में ढील दी है. ये फैसला स्विट्जरलैंड में हुए वार्ता के बाद लिया गया है. अमेरिका के ट्रेजरी विभाग की ओर से जारी आदेश में लिखा है कि ईरान के क्रूड ऑयल के प्रोडक्शन, ब्रिक्री और डिलीवरी में अमेरिका पाबंदियों में रियायत देता है.

अमेरिका के ट्रेजरी विभाग के आदेश में लिखा है, “अथॉरिटीज़ की तरफ से बैन किए गए सभी ट्रांजैक्शन, जो आम तौर पर क्रूड ऑयल, पेट्रोकेमिकल प्रोडक्ट्स, या ईरानी मूल के पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स के प्रोडक्शन, सेल, डिलीवरी, या ऑफलोडिंग के लिए जरूरी हैं, जिसमें ऊपर बताई गई अथॉरिटीज के तहत ब्लॉक किए गए जहाजों से जुड़े ट्रांजैक्शन भी शामिल हैं. ये सभी 21 अगस्त, 2026 को सुबह 12:01 बजे ईस्टर्न डेलाइट टाइम तक मान्य होंगे.”

किन देशों को ईरान अब भी नहीं बेच सकता है तेल?
अमेरिकी ट्रेजरी विभाग ने स्पष्ट किया है कि यह लाइसेंस उत्तर कोरिया और क्यूबा से जुड़े किसी भी लेनदेन पर लागू नहीं होगा, क्योंकि ये दोनों देश अब भी अमेरिकी प्रतिबंधों के दायरे में हैं.

अमेरिका ने नॉर्थ कोरिया (उत्तर कोरिया) पर मुख्य रूप से उसके गैर-कानूनी परमाणु हथियारों के कार्यक्रम, बैलिस्टिक मिसाइल परीक्षणों, और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा को खतरे में डालने वाले कदमों के कारण प्रतिबंध लगाए हैं. वहीं अमेरिका ने क्यूबा पर प्रतिबंध इसलिए लगाए हैं क्योंकि अमेरिका सरकार मानती है कि क्यूबा में कम्युनिस्ट शासन द्वारा मानवाधिकारों का हनन, राजनीतिक दमन और अमेरिकी राष्ट्रीय सुरक्षा- विदेश नीति को खतरा पैदा करने वाले कदम उठाए गए हैं.ईरान ने स्विट्जरलैंड वार्ता पर क्या कहा?
ईरान ने कहा है कि स्विट्जरलैंड में दो दिनों तक चली शांति वार्ता पर विस्तार से जानकारी दी है. ईरान ने बताया कि MoU से जुड़े कुछ जटिल मुद्दों पर बातचीत हुई, अब इनके लागू होने के बाद आगे की वार्ताएं शुरू हो सकेंगी.

ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने एक्स पर पोस्ट कर लिखा, “अमेरिका और ईरान के बीच खास तौर से उन बिंदुओं पर बात हुई, जो लेबनान में युद्ध रोकने, ईरान की फ्रीज़ संपत्तियां रिलीज़ करने और ईरानी तेल के निर्यात से जुड़े हैं.”

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