होर्मुज खुलेगा, न्यूक्लियर प्रोग्राम की निगरानी, फ्रीज फंड रिलीज… जेडी वेंस ने ईरान समझौते में दी गुड न्यूज

जेडी वेंस ने कहा है कि होर्मुज स्ट्रेट अब पूरी तरह से खुल जाएगा. इसके साथ ही ईरान के फ्रीज फंड को रिलीज कर दिया जाएगा. वेंस ने कहा है कि अब यहां से दोनों देशों की टीमें तकनीकी बातचीत करेंगी.स्विट्जरलैंड में अमेरिका और ईरान के बीच हुई हाई-प्रोफाइल बातचीत के बाद अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने खुद मीडिया के सामने आकर ब्रीफिंग दी. उन्होंने बातचीत के नतीजों को दुनिया के सामने रखा. वेंस ने साफ तौर पर कहा कि ईरान के साथ बातचीत बेहद सकारात्मक रही है और दोनों देशों ने कई अहम मुद्दों पर बड़ी प्रगति हासिल की है. अमेरिकी उपराष्ट्रपति ने साफ किया कि कल का दिन इस बातचीत के लिहाज से बेहद शानदार रहा और यह चर्चा देर रात 1 बजे के बाद तक चलती रही.

इस ऐतिहासिक वार्ता की सबसे बड़ी कामयाबी यह रही कि अंतरराष्ट्रीय व्यापार के लिए सबसे संवेदनशील माना जाने वाला स्ट्रेट ऑफ होर्मुज अब पूरी तरह खुला रहेगा. उपराष्ट्रपति वेंस ने ऐलान किया कि अमेरिका और ईरान ने मिलकर एक ऐसा खास सिस्टम तैयार कर लिया है, जिससे होर्मुज जलमार्ग को लगातार खुला और सुरक्षित रखा जा सके. इसके अलावा, ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर भी खबर आई है. जेडी वेंस के अनुसार, ईरान अपने परमाणु ठिकानों की जांच के लिए अंतरराष्ट्रीय निरीक्षकों को आमंत्रित करने पर सहमत हो गया है और इस सिलसिले में आज ही परमाणु निरीक्षकों के साथ चर्चा शुरू हो सकती है.

परमाणु जांच पर सहमति
अमेरिकी उपराष्ट्रपति ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि भले ही यह एक बहुत बड़ी शुरुआत है, लेकिन अभी भी जमीन पर काफी कुछ काम किया जाना बाकी है. उन्होंने साफ किया कि दोनों देशों की तकनीकी टीमें लगातार काम करती रहेंगी और यह तकनीकी बातचीत आगे भी जारी रहेगी. जेडी वेंस ने यह भी साफ कर दिया कि इस पूरी बातचीत के दौरान अमेरिकी रुख बेहद सख्त और स्पष्ट रहा है.

उन्होंने कहा कि जब भी ईरान की तरफ से कोई ऐसी बात कही जाती है जो सच नहीं है, तो राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप उसका तुरंत और कड़ा जवाब देते हैं. फिलहाल, बातचीत का यह दौर पूरा हो चुका है और उपराष्ट्रपति वेंस वापस अमेरिका के लिए रवाना हो रहे हैं.लेबनान-इजरायल विवाद पर ‘डी-एस्केलेशन’ फॉर्मूला क्या?
इस बातचीत के दौरान केवल परमाणु मुद्दा ही नहीं, बल्कि मिडिल ईस्ट में चल रहे युद्ध को रोकने पर भी गंभीर चर्चा हुई. उपराष्ट्रपति वेंस ने लेबनान संकट का जिक्र करते हुए कहा कि अमेरिका चाहता है कि हिजबुल्लाह तुरंत इजरायल पर रॉकेट और हमले करना बंद करे. इस तनाव को रोकने के लिए अमेरिका ने एक ‘डी-कॉन्फ्लिक्शन मैकेनिज्म’ तैयार की है.

इस सिस्टम का सीधा मकसद लेबनान में चल रहे संघर्ष को नियंत्रण से बाहर जाने से रोकना है. वेंस ने जोर देकर कहा कि अमेरिका पूरी तरह चाहता है कि लेबनान की संप्रभुता का सम्मान हो और साथ ही इजरायल की सुरक्षा भी पूरी तरह सुनिश्चित की जाए. इस पूरी बातचीत के दौरान अमेरिकी टीम लगातार इजरायली अधिकारियों के संपर्क में बनी हुई थी.

ईरान के फ्रीज फंड रिलीज करने से अमेरिकी किसानों को फायदा
जब उपराष्ट्रपति वेंस से ईरान की फ्रीज पड़ी संपत्तियों को दोबारा जारी करने के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने स्थिति बिल्कुल साफ कर दी. उन्होंने कहा कि अगर ईरान की कोई भी संपत्ति अनफ्रीज की जाती है, तो वह पैसा सीधे तौर पर सिर्फ और सिर्फ ईरान की आम जनता के कल्याण के लिए जाएगा. इतना ही नहीं, उन्होंने इस आर्थिक पहलू को अमेरिका से जोड़ते हुए एक दिलचस्प बात कही.

वेंस के मुताबिक, अगर ईरान के फंड अनफ्रीज होते हैं और व्यापारिक रास्ते खुलते हैं, तो इसका सीधा फायदा अमेरिकी किसानों को भी मिलेगा और वे अधिक समृद्ध होंगे.

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