‘ज्यादा मत सोच’, वैभव ने किया सुनामी पारी से पहले कोच के साथ बातचीत का खुलासा

वैभव सूर्यवंशी थोड़े से ब्रेक के बाद फिर से प्रशंसा के केंद्र में आ गए. उनके चर्चे हो रहे हैं. और वजह बनी उनकी 94 रन सुनामी पारी, जिसने श्रीलंका A को उतरने से पहले ही पस्त कर दियाभारत के सुपर किड वैभव सूर्यवंशी (Vaibhav Sooryavasbhi) एक बार फिर से सुर्खियों में हैं. और आखिर हों भी क्यों न? श्रीलंका में खत्म हुई तीन देशों की A टीमों की ट्राई सीरीज के शुरुआती चार मैचों में प्लॉप रहने के बाद आखिरी और फाइल मैच में जो सूर्यवंशी ने किया, उसने शुरुआती मैचों की नाकामी पर पानी फेर दिया. सिर्फ 29 गेंदों पर 10 चौकों और 8 छक्कों से सुनामी 94 रन बनाए, तो पूरा क्रिकेट जगत इसमें बह गया. अब सूर्यवंशी ने सूर्यवंशी ने खुलासा किया कि कैसे अपने कोच के साथ समय पर हुई बातचीत ने उन्हें एक मुश्किल दौर से उबरने और ट्राई-सीरीज के फाइनल में अपने आक्रामक रूप में वापस आने में मदद की.इस मैच में भारत ए ने श्रीलंका ए को 66 रनों से हराकर खिताब अपने नाम किया.

फाइनल के बाद सूर्यवंशी ने ‘स्पोर्टस्टार’ से कहा, ‘जब रन नहीं बन रहे थे, तो मैं कुछ चीजों पर चर्चा करने के लिए ऋषि (ऋषिकेश कानिटकर) सर के साथ बैठा और उन्होंने मुझे खुलकर खेलने की पूरी आजादी दी.’ इस युवा खिलाड़ी ने कहा, ‘यहां की परिस्थितियाँ थोड़ी अलग थीं, इसलिए शुरुआत में कुछ चुनौतियां आईं. मैं बहुत ज्यादा कोशिश कर रहा था, लेकिन योजनाओं को अमलीजामा नहीं पहना पा रहा था. तभी उन्होंने मुझसे कहा, ‘तू अपना नेचुरल गेम खेल, ज्यादा सोच मत’ इसने मुझे प्रेरित किया और मैंने खुद पर भरोसा रखना जारी रखा. मुझे खुशी है कि चीजें अच्छे से काम कर गईं.’

‘मुझ पर कोई दबाव नहीं था’
इस बड़े मुकाबले से पहले, सूर्यवंशी ने चार पारियों में केवल 117 रन बनाए थे और श्रीलंका की धीमी पिचों पर अच्छी शुरुआत को बड़े स्कोर में बदलने के लिए संघर्ष कर रहे थे. हालांकि, इस बाएं हाथ के बल्लेबाज ने जोर देकर कहा कि उनकी आलोचना होने के बावजूद दबाव कभी उनके दिमाग में नहीं आया.

सूर्यवंशी ने कहा, ‘मुझ पर कोई दबाव नहीं था।. जब मैं बल्लेबाजी करने उतरा, तो विचार यही था कि पहले दस ओवरों में मैंने जो योजना बनाई थी, उसे लागू करूँ और फिर उसे आगे बढ़ाऊं. यह काम कर गया.’ सभी ने देखा कि वैभव ने जो प्रहार किया, उससे मैच का फैसला शुरुआती दस ओवरों में ही तय कर दिया. भारत ए ने सिर्फ नौ ओवरों में 132 रन बना लिए और अंततः 377/9 का स्कोर खड़ा किया. जवाब में श्रीलंका ए की टीम 47.1 ओवर में 311 रन पर ऑलआउट हो गई.

श्रीलंकाई कप्तान ने की सूर्यवंशी की तारीफ
श्रीलंका ए के कप्तान सहान अराचिगे ने स्वीकार किया कि सूर्यवंशी के इस तूफानी हमले ने उनकी टीम को तुरंत बैकफुट पर ला दिया. अराचिगे ने कहा, ‘सूर्यवंशी ने शानदार पारी खेली. हमने उसके बाद पारी को अच्छे से संभाला लेकिन आखिरी के दो ओवरों में हाथ से मैच फिसलने दिया.’ उन्होंने आगे कहा, ‘जब हम एक बड़े स्कोर का पीछा कर रहे होते हैं, तो टॉप ऑर्डर सस्ते में गिर सकता है. ऐसा होता है. युवा खिलाड़ियों ने अच्छा खेला है और सीनियर्स ने भी रन बनाए हैं. यह एक अच्छा टूर्नामेंट रहा है.’

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