‘ईरान पर जवाबी हमला नहीं करना है’… ट्रंप ने फोन पर नेतन्याहू को दिया ऑर्डर

ईरान ने 2 महीने के सीजफायर में पहली बार इजरायल पर मिसाइल हमला किया है. ऐसे में ट्रंप ने नेतन्याहू को साफ-साफ निर्देश दिए हैं कि उसे किसी भी तरह का जवाबी हमला नहीं करना चाहिए.ईरान ने इजरायल पर मिसाइलें दाग दी हैं और एक बार फिर पूरे मिडिल ईस्ट में तनाव चरम पर है. पिछले दो महीने के सीजफायर में यह पहली बार है जब ईरान ने इजरायल पर हमला (Iran missile Attack on Israel) किया है. ऐसे में अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से फोन पर बात की और उन्हें ईरान पर जवाबी हमला करने से रुकने को कहा. सीएनएन की रिपोर्ट के अनुसार यह जानकारी एक अमेरिकी अधिकारी ने दी. ट्रंप की ओर से उठाए गए इस कदम का मकसद क्षेत्र में बढ़ते तनाव के बीच कूटनीति (डिप्लोमेसी) की कोशिशों को बचाना बताया गया.

ट्रंप ने नेतन्याहू को चेतावनी दी कि हालात और बिगाड़ने से बचना चाहिए. उन्होंने यह भी कहा कि उनका मानना है कि ईरान के साथ समझौता बहुत करीब है. यह कॉल तब हुई जब इजरायली सेना ने कहा कि उसने ईरान से दागी गई कई मिसाइलों को रोक लिया है.

ट्रंप ने नेतन्याहू से क्या-क्या कहा?
अमेरिकी मीडिया आउटलेट एक्सियोस ने बताया कि ईरान के हमले के बाद, उसके बाद ट्रंप ने नेतन्याहू से बात की. उनका मकसद था कि दोनों देशों के बीच नया तनाव न बढ़े और शांति समझौता खराब न हो. ट्रंप ने ईरान से भी कहा कि वह बातचीत की मेज पर वापस आए.

ट्रंप ने फॉक्स न्यूज से कहा, “हम समझौते के बहुत करीब हैं. मुझे लगता है कि समझौता अगले हफ्ते सोमवार, मंगलवार या बुधवार तक हो जाएगा. और अब यह सब हो रहा है.” ट्रंप ने ईरान के हमले को लेकर कहा, “तुमने अपने मिसाइल दाग दिए, अब बहुत हुआ. वापस आओ और समझौता करो.”वहीं ट्रंप ने एक्सियोस से कहा, “ईरान के हमलों में किसी को चोट नहीं लगी. उम्मीद है इजरायल जवाबी हमला नहीं करेगा.” उन्होंने यह भी कहा, “अगर बिबी (नेतन्याहू) जवाबी हमला करेंगा, तो यह 47 साल या 3000 साल की तरह चलता रहेगा.” ट्रंप ने फिर कहा कि अमेरिका एक समझौते के बहुत करीब है. लेकिन अगर तनाव बढ़ा तो यह पूरी कोशिश खराब हो सकती है.
उन्होंने कहा, “दोनों ने अपना-अपना हमला कर लिया. अब हमें और नहीं चाहिए. इजरायल ने हमला किया और ईरान ने हमला किया.”

वहीं फाइनेंशियल टाइम्स से बात करते हुए ट्रंप ने कहा कि अगर अमेरिका और ईरान के बीच कोई समझौता होता है, तो नेतन्याहू को उसे मानना पड़ेगा. उन्होंने कहा कि नेतन्याहू के पास कोई विकल्प नहीं होगा. और यह भी कहा कि वह मानते हैं कि असली फैसला अमेरिका ही करता है.

इस बार ट्रंप ने नहीं की गाली-गलौज
अधिकारियों के अनुसार, भले पिछले हफ्ते ट्रंप और नेतन्याहू की बातचीत काफी तीखी थी, लेकिन रविवार की बातचीत में वैसी गाली-गलौज या तीखी बहस नहीं हुई. बातचीत से पहले ही ट्रंप ने पत्रकारों के सामने अपनी राय जाहिर कर दी थी कि वो नेतन्याहू को कॉल करने वाले हैं और उन्हें साफ-साफ कहेंगे कि कोई जवाबी हमला नहीं करना है. इसलिए माना जा रहा है कि उनका संदेश नेतन्याहू के लिए कोई आश्चर्य की बात नहीं था.

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