कर्नाटक: डीके कैबिनेट में कौन-कौन होगा? फैसला कल तक संभव, एक अनार सौ बीमार वाली हालत

डीके शिवकुमार और सिद्धारमैया आज शाम करीब आठ बजे केसी वेणुगोपाल से मुलाकात कर सकते हैं. फिर कल सुबह राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे से मुलाकात कर सारी बात फाइनल करेंगे.कनार्टक के नामित मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार दिल्ली में हैं. कांग्रेस विधायक दल का नेता चुने जाने के बाद डीके शिवकुमार का यह पहला दिल्ली दौरा है. उनकी यहां पर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, राहुल गांधी, रणदीप सुरजेवाला और केसी वेणुगोपाल के साथ मुलाकात होनी है. उनके इन बैठकों का एजेंडा भी काफी महत्वपूर्ण है और वो उनकी सरकार के गठन से संबंधित है. दिल्ली में सबसे पहले यह तय होना है कि उप-मुख्यमंत्री की नियुक्ति होनी है या नहीं.

उप-मुख्यमंत्री कितने होंगे?
यदि उप-मुख्यमंत्री नियुक्त किए जाते हैं तो वो कितने होंगे? एक, दो या उससे अधिक. वैसे मुख्यमंत्री बनने के पहले डीके शिवकुमार भी उप-मुख्यमंत्री ही थे और उनके पास दो महत्वपूर्ण विभाग भी थे. साथ ही वो प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष भी थे. अब सबसे बड़ा सवाल ये है कि यदि एक से अधिक उप-मुख्यमंत्री बनाया जाता है तो किस तरह अहिंदा यानि पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक फैक्टर को बैलेंस किया जाएगा. यहां पर दिक्कत है कि कांग्रेस अध्यक्ष से लेकर सिद्धारमैया तक के अपने लोग हैं, जिसे वो उप-मुख्यमंत्री बनवाना चाहते हैं. जरूरत उस दलित, पिछड़ा और अल्पसंख्यक समुदाय को साधने की भी है, क्योंकि यही वो गठजोड़ है जिसकी वजह से सिद्धारमैया कांग्रेस को सत्ता में लेकर आए थे.

इससे भी बड़ा सिरदर्द है कि कर्नाटक प्रदेश कांग्रेस का अध्यक्ष किसको बनाया जाए? कनार्टक में दो साल बाद चुनाव होने हैं और पार्टी को एक फुलटाइम अध्यक्ष की जरूरत है, जो अपना पूरा समय संगठन को दे. उसे मजबूत करे. कनार्टक की राजनीति में दिलचस्पी रखने वाले लोगों का मानना है कि पिछले तीन सालों में डी के शिवकुमार के पास मंत्रालय और प्रदेश अध्यक्ष का प्रभार होने से पार्टी प्रभावित हुई है. यही वजह है कि प्रदेश में सरकार होने के बावजूद लोकसभा चुनाव में कांग्रेस को उतनी सफलता नहीं मिली, जितनी मिलनी चाहिए थी.

लोकसभा चुनाव में हुआ था नुकसान
कांग्रेस 2024 के लोकसभा चुनाव में 28 में से केवल 9 सीटें ही जीत पाई थी. इसलिए नए कांग्रेस अध्यक्ष के लिए कांग्रेस को दुबारा सत्ता में लाना बड़ी चुनौती से कम नहीं होगी. कांग्रेस अध्यक्ष पद के लिए सतीश जरकिहोली के नाम की चर्चा है, वो दलित समुदाय से आते हैं और सिद्धारमैया सरकार में पीडबल्यूडी मंत्री थे. कनार्टक में करीब 23 फीसदी दलित आबादी है. वैसे मल्लिकार्जुन खरगे के बेटे प्रियांक खरगे के नाम की भी चर्चा है. प्रियांक अभी सिद्धारमैया की सरकार में आईटी और पंचायती राज मंत्री थे.कितने बजे किससे मुलाकात?
इसी तरह 13 फीसदी मुस्लिम आबादी को भी सरकार में अच्छा प्रतिनिधित्व देने की बात कही जा रही है. इसलिए कहा जा रहा है कि यदि दो उप-मुख्यमंत्री बनाए जाते हैं तो एक दलित और एक अल्पसंख्यक कोटे से हो. डी के शिवकुमार चूंकि खुद वोक्कालिगा समुदाय से आते हैं, इसलिए वो चाहेंगे कि लिंगायत समुदाय को खुश करने के लिए उन्हें भी अच्छा मंत्रालय दिया जाए. यानि एक अनार सौ बीमार वाली स्थिति बनी हुई है. राहुल गांधी और खरगे के साथ डीके शिवकुमार और सिद्धारमैया की मुलाकात कल सुबह होगी. आज शाम दोनों नेता करीब आठ बजे केसी वेणुगोपाल से मुलाकात कर सकते हैं. हालांकि, सब बातों पर कल ही अंतिम मुहर लगेगी. इतना जरूर बताया गया है कि मंत्रिमंडल का गठन दो चरणों में होगा. पहले में मुख्यमंत्री के साथ कुछ वरिष्ठ मंत्रियों को शपथ दिलाई जाएगी और बाद में उसका विस्तार किया जाएगा. शपथग्रहण समारोह के लिए किसी बड़े मैदान या स्टेडियम को नहीं चुना गया है. यह समारोह राज्यपाल भवन या लोक भवन में ही किया जाएगा. शपथ ग्रहण समारोह 3 जून को होना है.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *