क्या जेडी वेंस ट्रंप की राजनीतिक विरासत संभाल पाएंगे? ट्रंप को खुद है संदेह

रिपोर्ट में दावा किया जा रहा है कि ट्रंप जेडी वेंस की निजी आदतों से लेकर उनकी राजनीतिक सोच को पसंद नहीं करते हैं और मेक अमेरिका ग्रेट अगेन की उनकी मुहिम को विरासत में सौंपने पर संदेह करते हैं.अमेरिका राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बाद उनकी जगह कौन लेगा खुद उन्हें इस बात का पता नहीं है. ट्रंप को संदेह है कि उनके उपराष्ट्रपति जेडी वेंस भविष्य में उनके ‘मेक अमेरिका ग्रेट अगेन कैंपेन को आगे बढ़ा पाएंगे या नहीं. ‘द न्यूयॉर्क टाइम्स’ (NYT) की एक चौंकाने वाली रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रंप ने अपने करीबियों और सहयोगियों के सामने कई बार जेडी वेंस के राजनीतिक भविष्य को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं.

भले ही ट्रंप सार्वजनिक रूप से जेडी वेंस को बड़े फैसलों में शामिल कर रहे हैं और उन्हें 2028 के राष्ट्रपति चुनाव के लिए रिपब्लिकन पार्टी का मुख्य चेहरा मान रहे हैं, लेकिन बंद कमरों में कहानी कुछ और ही है. रिपोर्ट बताती है कि ट्रंप अक्सर अपने करीबियों से एक ही सवाल दोहराते हैं कि क्या जेडी वेंस में वो बात है कि वो आखिरी तक टिक सकें?”

मजेदार बात यह है कि ट्रंप इस सवाल का जवाब भी खुद ही देते हैं और स्वीकार करते हैं कि वह वेंस की काबिलियत को लेकर पूरी तरह आश्वस्त नहीं हैं. डोनाल्ड ट्रंप और जेडी वेंस के बीच का यह रिश्ता काफी उलझा हुआ नजर आता है. एक तरफ जहां ट्रंप वेंस की वफादारी की तारीफ करते हैं, वहीं दूसरी तरफ वह उनकी नीतियों, व्यक्तिगत आदतों और राजनीतिक प्रदर्शन का खुलकर मजाक उड़ाने और आलोचना करने से भी नहीं चूकते.

उत्तराधिकार की इस जंग में ट्रंप अब एक नया खेल खेल रहे हैं. वह अपने राजनीतिक सहयोगियों के बीच एक अनौपचारिक पोल (स्ट्रॉ पोल) करा रहे हैं. ट्रंप लोगों से पूछ रहे हैं कि भविष्य में रिपब्लिकन पार्टी की कमान संभालने के लिए उनकी पसंद उपराष्ट्रपति जेडी वेंस हैं या फिर विदेश मंत्री मार्को रुबियो? ट्रंप की इस निजी तुलना ने ‘MAGA’ कैंपेन के भविष्य और उसके नए नेता को लेकर कयासों का बाजार गर्म कर दिया है.ट्रंप अक्सर यह याद दिलाना नहीं भूलते कि जेडी वेंस उनकी वजह से ही आज इस मुकाम पर हैं. ट्रंप ने कई बार दावा किया कि अगर उन्होंने समर्थन नहीं दिया होता, तो वेंस ओहियो से सीनेट का चुनाव कभी नहीं जीत पाते. ट्रंप को इस बात का गहरा शक है कि उनके बिना वेंस के पास वो राजनीतिक ताकत है भी या नहीं, जो ट्रंप-युग के बाद इस आंदोलन को जिंदा रख सके.
रिपोर्ट के अनुसार, ट्रंप ने अपने नंबर-2 जेडी वेंस को कई मोर्चों पर निशाना बनाया है. ट्रंप, वेंस के कुछ नीतिगत फैसलों से बेहद नाराज रहे हैं, खासकर ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई करने में वेंस की शुरुआती हिचकिचाहट को लेकर. इसके अलावा, वेंस के नेतृत्व में पाकिस्तान भेजा गया एक राजनयिक मिशन भी पूरी तरह विफल रहा था, जिसे लेकर ट्रंप ने उनकी तीखी आलोचना की थी.

बात सिर्फ राजनीति तक सीमित नहीं है, ट्रंप वेंस की निजी आदतों का भी मजाक उड़ाते हैं. ट्रंप अक्सर इस बात पर तंज कसते हैं कि वेंस कितनी ज्यादा छुट्टियां लेते हैं और बैठकों के दौरान दूसरों की बात बीच में काटने की उनकी आदत है. यहां तक कि व्हाइट हाउस के एक कार्यक्रम के दौरान जब जेडी वेंस के हाथ से ओहियो स्टेट यूनिवर्सिटी की नेशनल चैंपियनशिप ट्रॉफी गलती से गिर गई थी, तो ट्रंप ने उसका भी मज़ाक उड़ाया और कहा कि ‘अच्छा हुआ यह गलती मुझसे नहीं हुई.’

डोनाल्ड ट्रंप खुद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर बेहद सक्रिय रहते हैं, लेकिन उन्हें जेडी वेंस का डिजिटल अंदाज पसंद नहीं आ रहा है. रिपोर्ट के मुताबिक, जेडी वेंस अक्सर सोशल मीडिया पर अपने आलोचकों से उलझ जाते हैं और बहस करने लगते हैं. ट्रंप का मानना है कि इस तरह इंटरनेट पर लोगों से लड़ना उपराष्ट्रपति जैसे गरिमामयी पद की मर्यादा के खिलाफ है.

हालांकि, इन तमाम आलोचनाओं और कमियों के बावजूद ट्रंप के लिए वेंस की वफादारी सबसे ऊपर है और वह इसकी कद्र करते हैं. दूसरी तरफ, इस रिपोर्ट के सामने आने के बाद व्हाइट हाउस के अधिकारियों ने दोनों नेताओं के बीच किसी भी तरह के मतभेद या दरार की खबरों को खारिज कर दिया है. अधिकारियों का कहना है कि जेडी वेंस आधुनिक अमेरिकी इतिहास के सबसे शक्तिशाली उपराष्ट्रपतियों में से एक हैं और उन्हें राष्ट्रपति ट्रंप का पूरा भरोसा हासिल है.

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