रूसी बैंक अब खुद गिराएंगे दुश्मन के ड्रोन, स्टाफ रखेंगे हथियार…. यूक्रेन जंग के बीच नया कानून पास

Russia Ukraine War: यूक्रेन के पास एक से बढ़कर एक घातक ड्रोन हैं और वे समय-समय पर रूस को चोट पहुंचा रहे हैं. ऐसे में रूस की तैयारी है कि बैंक जैसे अहम संस्थान इन ड्रोन से खुद की रक्षा करने के लिए सेना का इंतजार नहीं करें.Russia Ukriane War: यूक्रेन युद्ध ने रूस को अब ऐसी स्थिति में पहुंचा दिया है, जहां सिर्फ सेना ही नहीं बल्कि बैंक भी ड्रोन हमलों से बचने और उन्हें खुद मार गिराने की तैयारी कर रहे हैं. रूस ने एक नया कानून पास किया है, जिसके तहत अब देश का केंद्रीय बैंक, बड़े बैंक और नकदी संभालने वाले संस्थान अपने सुरक्षा सिस्टम चला सकेंगे और अपने कर्मचारियों को हथियार भी दे सकेंगे. यानी अब ड्रोन हमलों से निपटने के लिए सेना का इंतजार नहीं करना पड़ेगा. रूस पर लगातार हो रहे यूक्रेनी ड्रोन हमलों के बीच यह फैसला बेहद अहम माना जा रहा है और इससे साफ है कि युद्ध का असर अब रूस के आर्थिक ढांचे तक गहराई से पहुंच चुका है.

रूस का नया कानून
रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार रूस की संसद के निचले सदन ने मंगलवार को डॉक्यूमेंट जारी किया. इसमें बताया गया है कि रूस ने ऐसा कानून पास किया है जिससे देश का केंद्रीय बैंक और दूसरे वित्तीय संस्थान ड्रोन हमलों से बचाव के लिए रक्षा सिस्टम चला सकेंगे और अपने कर्मचारियों को हथियार रखने की अनुमति दे सकेंगे. इस कानून के तहत ड्रोन हमलों से निपटने के लिए विशेष सुरक्षा बलों की जरूरत नहीं होगी.

फरवरी 2022 में रूस द्वारा यूक्रेन पर बड़े स्तर के हमले शुरू करने के बाद से यूक्रेन लगातार रूस पर ड्रोन हमले कर रहा है. यूक्रेन खासतौर पर रूस के ऊर्जा ढांचे को निशाना बना रहा है ताकि मॉस्को की कमाई कम हो और युद्ध खत्म करने का दबाव बढ़े. नए कानून के तहत ड्रोन रक्षा सिस्टम रूस के केंद्रीय बैंक, देश के सबसे बड़े बैंक स्बेरबैंक और रूसी कैश कलेक्शन एसोसिएशन के पास लगाए जाएंगे.
इन संस्थानों के कर्मचारियों को हथियार रखने की भी अनुमति होगी. खास बात है कि ड्रोन सुरक्षा का पूरा खर्च ये संस्थान खुद उठाएंगे. मंगलवार को रूस के सबसे बड़े बिजनेस लॉबी समूह के प्रमुख अलेक्जेंडर शोखिन ने राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से कहा कि कंपनियां अपने ढांचे की सुरक्षा के लिए भारी हथियार और इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम खरीदने के खर्च के लिए तैयार हैं. उन्होंने कहा कि कंपनियां ड्रोन हमलों से बचाव के लिए जरूरी सुरक्षा इंतजामों में निवेश करने को तैयार हैं.