Pakistan Army Chief Asim Munir US Visit: पाकिस्तान के आर्मी चीफ का पिछले तीन महीने में ये दूसरा अमेरिकी दौरा है. जून में भी मुनीर अमेरिका आए थे. आसिम मुनीर अपने अमेरिकी दौरे में राष्ट्रपति ट्रंप से भी मुलाकात कर चुके हैं.
Pakistan Army Chief US Visit: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंड एक तरफ भारत से अपने रिश्ते खराब कर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ आतंक परस्त पाकिस्तान के साथ अमेरिका की दोस्ती गहरा रही है. इसे अमेरिका की एक रणनीतिक चाल के तौर पर देखा जा रहा है. फिलहाल पाकिस्तान के आर्मी चीफ और फील्ड मार्शल आसिम मुनीर अमेरिका के दौरे पर हैं और यहां वो तमाम बड़े नेताओं से मुलाकात कर रहे हैं. अब मुनीर ने अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के कमांडर जनरल माइकल ई कुरिल्ला से मुलाकात की है. उनके रिटायरमेंट इवेंट से इस मुलाकात की तस्वीरें सामने आई हैं.
अमेरिकी सेना के बड़े अधिकारियों से मुलाकात
10 अगस्त को अमेरिका के टैम्पा में एक इवेंट आयोजित किया गया था, जिसमें पाकिस्तान के फील्ड मार्शल मुनीर भी शामिल हुए. मुनीर ने यहां जनरल कुरिल्ला के नेतृत्व की जमकर तारीफ की और पाकिस्तान-अमेरिका के बीच द्विपक्षीय सैन्य सहयोग को मजबूत करने में उनके योगदान की बात कही. इसके अलावा पाकिस्तानी सेना प्रमुख ने यूएस चेयरमैन चीफ्स ऑप स्टाफ जनरल डैन केन से भी मुलाकात की, इस दौरान दोनों देशों के आपसी हितों पर चर्चा हुई.
डोनाल्ड ट्रंप की नब्ज पकड़ रहा पाकिस्तान
पाकिस्तान मौकापरस्त है और वो इस वक्त अमेरिका से नजदीकी बढ़ाने का मौका नहीं चूकना चाहता है. अमेरिका लगातार भारत के साथ अपने रिश्तों में कड़वाहट घोल रहा है, ऐसे में ये पाकिस्तान के लिए किसी बड़े मौके की तरह है. अब पाकिस्तान राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के नेतृत्व में अमेरिका के साथ ज्यादा से ज्यादा व्यापार और रक्षा संबंध बनाने की कोशिश में जुटा है. भले ही आतंकवाद को लेकर कुछ साल पहले अमेरिका का पाकिस्तान को लेकर रुख कड़ा रहा हो, लेकिन ट्रंप शासन में पाक के सारे पाप धुलते नजर आ रहे हैं.
तीन महीने में दूसरा दौरा
पाकिस्तान के आर्मी चीफ का पिछले तीन महीने में ये दूसरा अमेरिकी दौरा है. जून में भी मुनीर अमेरिका आए थे. आसिम मुनीर अपने अमेरिकी दौरे में राष्ट्रपति ट्रंप से भी मुलाकात कर चुके हैं. तब दोनों के बीच ईरान-इजरायल संघर्ष को लेकर लंबी चर्चा हुई थी. इसका नतीजा ये रहा कि अमेरिका ने पाकिस्तान के लिए सैन्य सहयोग को बहाल किया है, जिसे पहले कम कर दिया गया था. अमेरिका ने पाकिस्तान पर टैरिफ भी कम किया है, जिससे उसे राहत मिली है. साथ ही तेल को लेकर भी दोनों देशों के बीच डील होने की बात कही गई है.