ईरान-लेबनान को हराने चले नेतन्याहू अपने ही देश में हार जाएंगे?

Israel Politics: इजरायल में अक्टूबर 2026 में आम चुनाव होने हैं. इससे 6 महीने पहले इजरायल के दो पूर्व प्रधानमंत्री, नफ्ताली बेनेट और यायर लैपिड ने अपनी-अपनी राजनीतिक पार्टियों को मिलाकर एक नई पार्टी बनाने का ऐलान किया.Israel Politics: इजरायल के पूर्व प्रधानमंत्री नफ्ताली बेनेट और यायर लैपिड ने रविवार को अपनी राजनीतिक पार्टियों को मिलाकर एक नई पार्टी बनाने का ऐलान किया. इस नई पार्टी का नाम “टुगेदर” रखा गया है जिसका नेतृत्व खुद बेनेट करेंगे. इसका मकसद आने वाले चुनावों में प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू को सत्ता से हटाना है. द जेरूसलम पोस्ट के अनुसार, दोनों नेताओं के बीच यह समझौता शनिवार शाम को तय हुआ. दोनों नेताओं ने पुष्टि की कि उनकी पार्टियां यानी येश अतीद और बेनेट अब टुगेदर पार्टी के तले एक होंगी और 2026 का चुनाव एक साथ मिलकर लड़ेंगी.

चुनाव अक्टूबर तक होने वाले हैं, और इस नई पार्टी से इजरायल की राजनीति में बड़ा बदलाव आ सकता है, क्योंकि इससे विपक्ष मजबूत होगा. एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में इस पार्टी की घोषणा करते हुए बेनेट ने इसे ऐतिहासिक कदम बताया. उन्होंने कहा, “मैं हमारे देश के लिए सबसे जायनिस्ट और सबसे देशभक्त कदम उठा रहा हूं,” और यह भी कहा कि “अब बंटवारे का दौर खत्म हो गया है.”

लैपिड ने भी यही बात दोहराई और बीच के राजनीतिक विचार वाले मतदाताओं से इस नई पार्टी का समर्थन करने की अपील की. उन्होंने कहा, “चुनाव जीतने के लिए पूरे इजरायली सेंटर को नफ्ताली बेनेट के साथ आना होगा.” उन्होंने हंगरी के हालिया चुनावों का उदाहरण दिया, जहां एकजुट विपक्ष ने जीत हासिल की है.

अरब पार्टियों से हाथ नहीं मिलाएगी पार्टी
इस नई पार्टी ने साफ कर दिया है कि वह सिर्फ जायनिस्ट विपक्षी पार्टियों के साथ ही गठबंधन करेगी और अरब पार्टियों के साथ सरकार नहीं बनाएगी. बेनेट ने कहा कि अगर वे सत्ता में आए, तो 7 अक्टूबर के हमलों की जांच के लिए एक राष्ट्रीय आयोग बनाया जाएगा, सभी के लिए अनिवार्य सेना भर्ती कानून लाया जाएगा, और प्रधानमंत्री के लिए 8 साल की सीमा तय की जाएगी.उन्होंने यह भी कहा कि वे सिविल मैरिज और समलैंगिक विवाह को आगे बढ़ाएंगे, साथ ही राष्ट्रीय सुरक्षा को प्राथमिकता देंगे. बेनेट ने कहा, “हम अपने देश की जमीन की रक्षा करेंगे और दुश्मन को एक सेंटीमीटर जमीन भी नहीं देंगे.”
दोनों नेताओं ने गादी आइजेनकोट, जो याशार पार्टी के प्रमुख हैं, को भी इस पार्टी में शामिल होने का न्योता दिया. बेनेट ने कहा, “हमारा दरवाजा आपके लिए खुला है,” जिससे पता चलता है कि विपक्ष को और मजबूत करने की कोशिश जारी है. विपक्षी नेताओं ने इस कदम का स्वागत किया और इसे एकता की दिशा में बड़ा कदम बताया. जबकि नेतन्याहू की सरकार के सहयोगियों ने इसकी आलोचना की और बेनेट और लैपिड की पुरानी सरकार का जिक्र किया, जिसमें रआम पार्टी भी शामिल थी.

इजरायली मीडिया के हालिया सर्वे के अनुसार, बेनेट का गठबंधन और नेतन्याहू की लिकुड पार्टी के बीच कड़ी टक्कर है. जबकि लैपिड की येश अतीद पार्टी का समर्थन घट रहा है. बेनेट और लैपिड पहले भी 2019 से 2021 के बीच कई चुनावों के बाद एक साथ सरकार चला चुके हैं. उनकी यह सरकार एक साल के अंदर गिर गई, जिसके बाद 2022 में नेतन्याहू फिर से सत्ता में आ गए.