CSK vs DC: सुपर किंग्स की ‘सुपर जोड़ी’ बदहाल, दिल्ली की ‘स्लोअर मिसाइल’ की मार, घर में मान बचा पाएगी चेन्नई?

Chennai Super Kings vs Delhi Capitals: पिछले तीन मैचों में जो चेन्नई का हाल हुआ है, उस देखते हुए तो धोनी आ भी जाते हैं, तो भी सुपर किंग्स का दिल्ली को मात देना बड़ा चैलेंज होने जा रहा है. वजह एक नहीं, कई हैंIndian Premier League 2026: मैच की पूर्व संध्या पर नेट पर बड़े-बड़े शॉट लगा रहे पूर्व कप्तान एमएस धोनी (MS Dhoni) को लेकर स्थिति अभी भी साफ नहीं है कि वह आज घर में दिल्ली के खिलाफ खेले जाने वाले अहम मुकाबले में खेलेंगे भी या नहीं? और अगर खेलते भी हैं, तो पूर्व कप्तान के लिए इस सीजन में कहीं शानदार प्रदर्शन कर रही दिल्ली कैपिटल्स (CSK vs DC) के खिलाफ जीत दिलना बहुत ही ज्यादा मुश्किल होने जा रहा है. जहां दिल्ली 3 में से 2 मैच जीतकर 4 प्वाइंट्स के साथ चौथे नंबर पर है, तो वहीं चेन्नई तीनों मैच गंवाकर सबसे फिसड्डी टीम बनी हुई है. और इसकी एक बड़ी वजहों में से एक उसकी ‘सुपर जोड़ी’ का नाकाम होना भी रहा है.

उम्मीदें बहुत थीं सुपर जोड़ी से, पर…
जब जब धोनी टूर्नामेंट के आगाज से पहले ही चोटिल होकर शुरुआती मैचों से बाहर हो गए थे, तो ऐसे में कप्तान ऋतुराज गायकवाड़ और पिछले दिनों टी20 विश्व कप के प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट संजू सैमसन की सुपर जोड़ी से न केवल बहुत ही ज्यादा उम्मीदें थीं, बल्कि इनके ऊपर जिम्मेदारी भी खासी बड़ी थी, लेकिन शुरुआती तीनों ही मैचों में इनका हाल आपके सामने है. 14 रन (12 गेंद), 14 रन (12) गेंद, 9 रन (5 गेंद). और जब सुपर जोड़ी की साझेदारियां ऐसी होंगी, तो टीम का मनोबल और बाकी खिलाड़ियों की मनोदशा कैसी होगी, यह सहज ही समझा जा सकता है. और अब जब ये चौथे मैच में पारी का आगाज करने जा रहे हैं, तो चेन्नई को अपने पूर्व सीमर लुंगी एंगिडी से पार पाना बड़ा चैलेंज होगा, जो एक खतरनाक स्लोअर मिसाइल में तब्दील हो चुके है.

सुपर जोड़ी की नाकामी का असर
अगर गर सैमसन और गायकवाड़ टिककर खेलते हैं, तो शायद वह टीम आखिरकार नज़र आ जाए, जिसे मैनेजमेंट बनाने की सोच रहा था. वजह यह है कि ठोस ओपनिंग साझेदारी कई पहलुओं से टीम को भरोसा देती है. ओपनरों की सफलता शिवम दुबे को अपने मजबूत पक्ष स्पिनरों के खिलाफ हाथ दिखाने का मौका देगी, तो सीजन का पहला मैच खेलने जा रहे डेवाल्ड ब्रेविस को भी कॉन्फिडेंस मिलेगा. और राह आसान टॉप ऑर्डर में युवा आयुष म्हात्रे की भी होगी, लेकिन सवाल यही है कि क्या ये दोनों आज चेन्नई के लिए सुपर किंग्स साबित होंगे? राह बिल्कुल भी आसान नहीं है क्योंकि चेन्नई के पूर्व पेसर लुंगी एंगिडी अब गति निकालने के साथ-साथ स्लोअर-बॉल के भी मास्टर बन चुके हैं.

दिल्ली की ‘स्लोअर-मिसाइल’ का चैलेंज!
चेन्नई के लिए खेल चुके दक्षिण अफ्रीकी दिग्गज बॉलर लुंगी एंगिडी इस आईपीएल में डेथ ओवरों के मास्टर साबित हुए हैं. पारी के 17वें से लेकर 20वें ओवर के दौरान उनका इकॉनमी रन-रेट 5.5 का रहा है. और उन्होंने 3 विकेट चटकाए हैं. लेकिन पिछले सालों की तुलना में जो ब्रह्मास्त्र उन्होंने अपने तरकश में जोड़ा है, वह स्लोअर-वन है और यह दिग्गज बल्लेबाजों के लिए ‘स्लोअर-मिसाइल’ साबित हो रहा है. यह कितना घातक अस्त्र है, यह सभी ने लखनऊ सुपर जॉयंट्स के खिलाफ सभी ने देखा, जब निकोलस पूरन को कुछ भी समझ में नहीं आया कि क्या हुआ. और आज इसी हथियार से चेन्नई की सुपर जोड़ी सहित तमाम बल्लेबाजों को बहुत ही ज्यादा सावधान रहना होगा.