India vs New Zealand, Final: वर्ल्ड कप में अभी तक का सफर एक तरफ, खिताबी मुकाबला एक तरफ..और फाइनल में 32 मिनट का टेस्ट एक तरफ! कीवी कप्तान ने इन्हीं 32 मिनट में भारत को घेरने का प्लान बनाया है पिछले करीब एक महीने से घर में आयोजित टी20 वर्ल्ड कप कप में मिला-जुला सफर तय करते हुए टीम सूर्यकुमार यादव खिताब के मुहाने पर आ पहुंची है. महान गावस्कर सहित तमाम पंडित भारत बनाम न्यूजीलैंड (India vs New Zealand Final) के बीच खेले जाने वाले मेगा फाइनल को लेकर तमाम पंडित अलग-अलग दावे कर रहे हैं, भविष्यवाणियां हो रही हैं, लेकिन फाइनल से अलग टीम इंडिया इंडिया का आज सबसे बड़ा टेस्ट है. वास्तव में अगर यह करीब 32 मिनट का टेस्ट भारत ने अच्छे नंबरों से पास कर कर लिया, तो फिर भारत को इतिहास दोहराने और तिरंग लहराने से दुनिया की कोई भी ताकत नहीं ही रोक पाएगी.
ये टेस्ट नहीं आसां, बस इतना..!
जी हां, यह टेस्ट आसान बिल्कुल भी नहीं हैं क्योंकि कीवियों ने भारतीयों कोघेरने की रणनीति इन्हीं 32 मिनट में बनाई है. 120 मिनट की पारी में 88 मिनट एक तरफ, तो 32 मिनट एक तरफ. यह भारतीय बल्लेबाजों का खुद का खुद से 32 बनाम 88 मिनट का टेस्ट है. भारतीय बल्लेबाजों को आज 88 मिनट अलग, तो 32 मिनट अलग एप्रोच अपनानी होगी. यह खुद से खुद का सोच से सोच का द्वंद्व है. इन 32 ओवरों में न्यूजीलैंड के दोनों लेफ्टी स्पिनर मिचेल सैंटनर हैं, तो दूसरी ओर बल्लेबाज-कम-बॉलर या पार्टटाइमर रविंद्र रचिन हैं. वह भले ही बॉलर कम हैं, लेकिन टूर्नामेंट में रचिन ने बड़ों-बड़ों को पानी पिलाया है. और इन दोनों के 32 मिनट में फेंके जाने वाले 8 ओवरों में भारत का आज अभी तक का सबसे बड़ा लेफ्ट-आर्म स्पिनरो के खिलाफ टेस्ट होने जा रहा है.
कीवियों का 32 मिनट प्लान रहा है बहुत ही कारगार!
न्यूजीलैंड के अभी तक के फाइनल के सफर में में उनका यह 32 मिनट का प्लान या पार्ट-टाइम प्लान बहुत ही कारगर साबित हुआ है. और इसकी पुष्टि पूरी-पूरी कप्तान सैंनटर और रविद्र रचिन के आंकड़े शानदार अंदाज में कर रहे हैं. सैंटनर के असर को वास्तव में आंकड़ों से नहीं मापा जा सकता. सैंटनर ने भले ही 7 मैचों में फेंके 24 ओवरों में भले ही विकेट 2 चटकाए हैं, लेकिन उनका इकॉनमी रन-रेट सिर्फ 6.33 का ही है. और यह किसी भी टीम के लिए एक धीमे-जहर की तरम काम करता है. यह टीम की रन गति पर जर्बदस्त मार करता है. इससे ऊपर भारत के खिलाफ सैंटनर कहीं ज्यादा असर छोड़ते हैं, तो वहीं रचिन रविंद्र बल्लेबाज ज्यादा हैं, लेकिन उन्होंने 8 मैचों में 17 मैचों में अपनी टीम के लिए सबसे ज्यादा 11 विकेट चटकाए हैं. और उनका इकॉनमी रन-रेट 6.88 का है. वास्तव में ये सबसे बड़ा टेस्ट दाएं हत्था संजू सैमसन और विशेषक कप्तान सूर्यकुमार यादव का होगा. इन दोनों को घेरने के लिए सैंटनर इन दोनों के सामने खुद या रविंद्र रचिन को लाएंगे ही लाएंगे. ऐसे में देखने की बात यह होगी कि टीम इंडिया के धुरंधर इन 32 मिनट की काट कैसे निकालते हैं?