रामायण के दौर में आया था अमोल पालेकर का दूरदर्शन पर ये शो, एक्ट्रेस ने छोड़ा तो हुई भाग्यश्री की एंट्री, फैंस के बीच हुआ पॉपुलर

1980 के दौर में जब दूरदर्शन पर रामायण का जादू छाया हुआ था, उस बीच एक ऐसा टीवी सीरियल टेलीकास्ट किया गया, जिसने सभी का ध्यान अपनी ओर खींचा. इस शो का डायरेक्शन अमोल पालेकर के किया था.1987 में दूरदर्शन पर एक बहुत ही प्यारा और इमोशनल टेलीविजन शो आया, इसे फेमस एक्टर और डायरेक्टर अमोल पालेकर ने लिखा और डायरेक्ट किया. इस शो की कहानी तीन बहनों के जीवन पर बेस्ड थी. माता-पिता के न रहने के बाद तीनों बहनें मिलकर जिंदगी की परेशानियों का सामना करती हैं, घर की जिम्मेदारी, पढ़ाई और भविष्य की चिंता इस पूरे शो में दिखाई गई थी. ये शो ऐसे समय पर आया जब टीवी पर रामायण का क्रेज था, लेकिन इसके बाद भी इस शो ने दर्शकों के दिल में अहम जगह बनाई.

दूरदर्शन पर आया कच्ची धूप शो

दूरदर्शन पर 1987 में कच्ची धूप शो आया, जिसमें तीन बहनों की कहानी को दिखाया गया था. बड़ी बहन के लिए जिस एक्ट्रेस को चुना गया था, उनके शो छोड़ने के बाद इसमें एक्ट्रेस भाग्यश्री की एंट्री हुई. भाग्यश्री की सादगी और मासूमियत ने इस किरदार में नई जान डाल दी, दर्शकों ने उन्हें बेहद पसंद किया और इसके बाद आगे जाकर उन्होंने फिल्म मैंने प्यार किया से बॉलीवुड में कदम रखा और वो सुपरस्टार बन गईं. रामायण के दौर में आया ये शो भले ही पौराणिक नहीं था, लेकिन इसके फैमिली इमोशंस और सिंपल कहानी ने इसे खास बना दिया. दूरदर्शन के उस दौर में हर शाम पूरा परिवार एक साथ बैठकर कच्ची धूप शो देखता है. ये सभी एज के दर्शकों को प्रभावित करता था.फैंस के बीच क्यों पॉपुलर हुआ कच्ची धूप शो

1980 के दौर पर टीवी पर ज्यादा चमक-दमक वाले शो नहीं आते थे, कच्ची धूप की खासियत थी इसकी सादगी और सच्चाई. मिडिल क्लास फैमिली की समस्याएं, बहनों का रिलेशन, उनके इमोशन लोगों को अपने घर जैसे लगते थे. इसी वजह से ये शो सभी लोगों के बीच बहुत पॉपुलर हुआ. आज भी कच्ची धूप को दूरदर्शन के क्लासिक शो में गिना जाता है, इस शो ने साबित किया कि मजबूत कहानी और रियल एक्टिंग से बड़े सेट और ग्लैमर के बिना भी दर्शकों के दिल को जीता जा सकता है.

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