Bangladesh Violence: शुक्रवार सुबह ही पूरे बांग्लादेश से पहले प्रदर्शनकारी शहीद मीनार पर एकट्ठा हुए. राष्ट्रीय वेतन आयोग की रिपोर्ट के आधार पर गजट को तुरंत लागू करने की मांग करते को लेकर वे सभी यूनुस के आवास जमुना की तरफ बढ़ते हुए विरोध मार्च करने लगे. इस दौरान उन्होंने जबकर नारेबाजी की.ढाका:
बांग्लादेश के ढाका में एक बार फिर से हिंसा भड़क गई है, वो भी आम चुनाव से सिर्फ 6 दिन पहले. ढाका एक बार फिर से विरोध-प्रदर्शन और हिंसा की आग में जल रहा है. ढाका में शुक्रवार को हिंसक झड़पें हुईं. नौवें राष्ट्रीय वेतनमान को लागू करने की मांग पर सड़े सरकारी कर्मचारियों ने मोहम्मद यूनुस के सरकारी आवास जमुना के बाहर विरोध-प्रदर्शन किया. ये लोग पुलिस तक से भिड़ गए. पुलिस को भी हालात पर काबू पाने के लिए लाठीचार्ज के साथ ही आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े.
यूनुस के आवास के बाहर हिंसक हुए प्रदर्शनकारी
शुक्रवार सुबह ही पूरे बांग्लादेश से पहले प्रदर्शनकारी शहीद मीनार पर एकट्ठा हुए. राष्ट्रीय वेतन आयोग की रिपोर्ट के आधार पर गजट को तुरंत लागू करने की मांग करते को लेकर वे सभी यूनुस के आवास जमुना की तरफ बढ़ते हुए विरोध मार्च करने लगे. इस दौरान वह नारेबाजी भी करते नजर आए. नारेबाजी करते हुए प्रदर्शनकारी कह रहा थे “पेट में चावल नहीं तो मुंह में विकास कैसा”. अपनी नारेबाजी के साथ प्रदर्शनकारियों ने सरकार पर उनकी आजीविका संबंधी चिंताओं को नजरअंदाज करने का आरोप लगाया.
बैरिकेड तोड़ यूनुस के आवास में घुसने की कोशिश
सुबह करीब 11:30 बजे, प्रदर्शनकारियों ने शाहबाग में पुलिस के लगाए बैरिकेड तोड़ दिए. वे जबरन जमुना के एंट्री गेट की ओर बढ़ने लगे. पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए वाटर केनन का इस्तेमाल किया. साथ ही आंसू गैस भी छोड़ी. इतने से भी जब बात नहीं बनी तो पुलिस ने उन पर लाठीचार्ज भी किया. प्रदर्शनकारियों को यूनुस के आवास तक पहुंचने से रोकने के लिए भारी पुलिस बल तैनात करना पड़ा.