क्रैक टीम के साथ बंगाल चुनाव का वॉर रूम तैयार, ममता बनर्जी को चुनौती देने के लिए बीजेपी का ये है मास्टरप्लान

2026 के विधानसभा चुनाव में पश्चिम बंगाल से ममता बनर्जी की टीएमसी को सत्ता से हटाने के लिए बीजेपी की योजना तैयार. किस नैरेटिव पर दांव लगा रही है बीजेपी जिससे वो पश्चिम बंगाल में ऐतिहासिक जीत दर्ज कर सके?जैसे-जैसे पश्चिम बंगाल में मार्च-अप्रैल 2026 के विधानसभा चुनाव नजदीक आते जा रहे हैं, राज्य में राजनीतिक हलचल तेज हो रही है. सत्ता, पहचान और महत्वाकांक्षा की इस जटिल लड़ाई में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) खुद को एक निर्णायक मोड़ पर पाती है. पार्टी का लक्ष्य है पश्चिम बंगाल को ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) की मजबूत पकड़ से छीनना. पश्चिम बंगाल में सत्ता से बीजेपी अब तक दूर रही हैं पर वहां के राजनीतिक हालात तेजी से बदलते दिख रहे हैं. जहां 2021 के चुनाव नतीजों ने दिखाया कि बीजेपी वोट प्रतिशत में अभी भी टीएमसी से करीब 10 फीसद पीछे है. हालांकि 2016 में केवल 4 सीट पाने वाली बीजेपी ने 2021 के चुनाव में 294 में से 77 सीटें हासिल की जो पार्टी की असाधारण बढ़त को दिखाता है- वो भी हिंदी पट्टी से बाहर.

अमित शाह का बंगाल दौरा: संगठन में एकता सबसे बड़ी जरूरत
बीजेपी की चुनावी कहानी इस बार सिर्फ बाहरी नहीं, अंदरूनी राजनीति से भी तय होगी. 30 और 31 जनवरी को अमित शाह की प्रस्तावित बंगाल यात्रा का मकसद है- पार्टी में एकता मजबूत करना और गुटबाजी खत्म करना. पश्चिम बंगाल जैसे राजनीतिक रूप से उथल-पुथल वाले राज्य में अंदरूनी कलह किसी भी अभियान की सबसे बड़ी कमजोरी बन सकती है.

पूर्व प्रदेश अध्यक्ष दिलीप घोष और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष सुवेंदु अधिकारी को अब सामूहिक नेतृत्व की अहम चेहरे के तौर पर देखा जा रहा है. पार्टी नेतृत्व जानता है कि अगर ये मतभेद खुले रहे तो टीएमसी इसका फायदा उठा सकती है-जिसने हमेशा पार्टियों के अंदरूनी मतभेदों का राजनीतिक लाभ उठाया है. दिसंबर 2025 के आखिर में अमित शाह से निजी मुलाकात में दिलीप घोष ने साफ कहा था, “बंगाल बदलाव के लिए तैयार है, लेकिन बीजेपी अभी तैयार नहीं है.”

दिलीप घोष को मनाने और उन्हें एक्टिव कैंपेन मोड में लाने के दौरान, शाह ने अंदरूनी एकता और एकजुटता की जरूरत पर जोर दिया था.पश्चिम बंगाल के दौरे के दौरान अमित शाह की कोलकाता में राज्य कोर कमेटी के साथ एक बैठक करने की योजना है. साथ ही बैरकपुर स्थित आनंदपुर मठ और उत्तरी जिले सिलीगुड़ी जाने का कार्यक्रम भी है.