मौलाना मदनी के भड़काऊ बयान पर भूचाल, संबित पात्रा बोले- ‘बांटने की साजिश’, SC से संज्ञान लेने की मांग

संबित पात्रा ने अखिलेश यादव के SIR को लेकर दिए गए बयान को भी गुमराह करने वाला और बांटने वाला बताया, और मौलाना मदनी के बयान को उन ताकतों से जोड़ा जो देश में विभाजन पैदा कर रही हैं.जमीयत उलेमा-ए-हिंद के अध्यक्ष मौलाना महमूद मदनी के एक बयान ने राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है. भोपाल में हुई जमीयत की राष्ट्रीय शासी निकाय (National Governing Body) की बैठक में उन्होंने देश के मौजूदा हालात को “संवेदनशील और चिंताजनक” बताते हुए कुछ गंभीर आरोप लगाए. मौलाना मदनी ने अपने भाषण में कहा कि देश के मौजूदा हालात “बहुत सेंसिटिव और चिंताजनक” हैं. उन्होंने मुख्य रूप से मुस्लिम समुदाय को निशाना बनाए जाने पर चिंता व्यक्त की.

मौलाना महमूद मदनी ने क्या कहा?
मौलाना महमूद मदनी ने आरोप लगाया कि, “एक खास समुदाय को जबरदस्ती टारगेट किया जा रहा है. दूसरी ओर, उन्हें कानूनी तौर पर कमज़ोर, सामाजिक रूप से अलग-थलग और आर्थिक रूप से बेइज्जत किया जा रहा है.” उन्होंने बुलडोजर कार्रवाई, मॉब लिंचिंग, वक्फ संपत्ति पर कब्ज़ा, और धार्मिक मदरसों के खिलाफ नकारात्मक अभियान चलाने का मुद्दा उठाया. मदनी ने कहा कि इन सब की वजह से मुसलमान “सड़कों पर चलते हुए भी असुरक्षित महसूस कर रहे हैं.”

बीजेपी का पलटवार
मौलाना मदनी के बयान पर भाजपा के सांसद संबित पात्रा ने तीखी प्रतिक्रिया दी और इसे “भड़काऊ” और “देश को बाँटने वाला” करार दिया. पात्रा ने कहा कि आज देश में कुछ ऐसी ताकतें हैं जिनके बयान बाँटने वाले हैं, जबकि देश को एक करने वाली खबरें भी हैं (जैसे कि हाल ही में जारी हुई ऐतिहासिक GDP दर).उन्होंने मदनी के बयान पर गहरी आपत्ति जताई. उन्होंने इसे गैर-जिम्मेदाराना बयान बताते हुए कहा कि हमने देखा है कि कैसे जिहाद के नाम पर कुछ लोगों ने भारत और बाहर आतंकवाद फैलाया है.

‘सुप्रीम कोर्ट ले संज्ञान’
संबित पात्रा ने कहा कि, “मदनी ने कथित तौर पर यह भी कहा कि सुप्रीम कोर्ट सरकार के दबाव में काम करता है और इस देश में उसे ‘सुप्रीम’ कहलाने का कोई हक़ नहीं है. सुप्रीम कोर्ट को इस तरह के बयानों का खुद से संज्ञान लेना चाहिए, क्योंकि यह कोर्ट के रुतबे को कम करता है.”संबित पात्रा ने अखिलेश यादव के SIR को लेकर दिए गए बयान को भी गुमराह करने वाला और बांटने वाला बताया, और मौलाना मदनी के बयान को उन ताकतों से जोड़ा जो देश में विभाजन पैदा कर रही हैं.