ईरान में 9/11 से भी भीषण कत्लेआम! प्रिंस रजा पहलवी का दावा- 2 दिनों में मारे गए 12000 से ज्यादा लोग

ईरान के निर्वासित प्रिंस रजा पहलवी ने दावा किया कि जितने लोग अमेरिका में हुए 9/11 हमले में मारे गए थे, ईरान में पिछले दो दिनों में ही उससे चार गुना ज्यादा लोगों को मौत के घाट उतारा जा चुका है.के बीच निर्वासित क्राउन प्रिंस रजा पहलवी ने रोंगटे खड़े करने वाला खुलासा किया है. फॉक्स न्यूज से खास बातचीत में पहलवी ने ईरान संकट में भयावह स्थिति की तुलना अमेरिका में 2001 में हुए 9/11 आतंकी हमले से करते हुए कहा कि ईरान में मरने वालों की संख्या 9/11 अटैक में मारे गए लोगों से चार गुना अधिक हो चुकी है.

ईरान के हालात बेहद डरावनेः पहलवी
ईरान के निर्वासित प्रिंस रजा पहलवी ने बताया कि इंटरनेट और फोन पर पाबंदियों के चलते उन्हें ईरान के लोगों से संपर्क साधने में कठिनाई हो रही है. उनकी कुछ लोगों से फेसटाइम ऐप पर बात हुई है. उन्होंने आयतुल्ला अली खामेनेई सरकार के खिलाफ विद्रोह कर रहे लोगों की तारीफ करते हुए कहा कि लोगों ने वहां के जो हालात बताए हैं, वो काफी डरावने हैं.

‘9/11 हमले से चार गुना लोग मारे गए’
रजा पहलवी ने दावा किया कि जितने लोग अमेरिका में हुए 9/11 हमले में मारे गए थे, ईरान में पिछले दो दिनों में ही उससे चार गुना ज्यादा लोगों को मौत के घाट उतारा जा चुका है. मरने वालों को संख्या के बारे में पूछने पर पहलवी ने कहा कि 12 हजार से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है. उनका कहना था कि ये कम से कम संख्या है. असल में मरने वालों का आंकड़ा इससे भी ज्यादा हो सकता है.बुलडोजर से हटाए जा रहे सड़कों से शव
प्रिंस ने आरोप लगाया कि ईरान की सरकार अपनी ही जनता के खिलाफ युद्ध लड़ रही है. निहत्थे प्रदर्शनकारियों को कुचलने के लिए बख्तरबंद ट्रकों और एके-47 जैसे घातक हथियारों का इस्तेमाल किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि ईरान में स्थिति इतनी अमानवीय हो चुकी है कि सड़कों पर शव पड़े हैं. उन्हें हटाने के लिए बुलडोजर का इस्तेमाल किया जा रहा है.

शव सौंपने से पहले मांग रहे गोली की कीमत
पहलवी ने चौंकाने वाला खुलासा करते हुए यह भी कहा कि ईरान सरकार प्रदर्शनकारियों के शवों को उनके परिवारों को सौंपने के बदले उन गोलियों की कीमत वसूल रही है, जिनसे उन्हें मौत के घाट उतारा गया है. उन्होंने कहा कि इंटरनेट और फोन सेवाओं पर पाबंदियों की वजह से ईरान से सूचनाएं बाहर नहीं आ पा रही हैं. लेकिन सच्चाई ज्यादा देर तक छिपी नहीं रहेगी. असलियत ये है कि ईरान में जमीनी हालात बेहद नाजुक और जानलेवा बने हुए हैं.