ईरान में नए सुप्रीम लीडर पर बनी सहमति पर नाम नहीं बताया, क्या ट्रंप और इजरायल मानेंगे?

4 मार्च को जब मोजतबा का नाम सामने आया तो अमेरिका और इजरायल ने आपत्ति जताई थी. यूएस राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने तो यहां तक कहा कि अगला लीडर चुनने में उनकी भूमिका होनी चाहिए.ईरान में नया सुप्रीम लीडर कौन होगा ये तय हो गया है. हालांकि, अभी तक चयनित व्यक्ति के नाम की आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है. विभिन्न समाचार एजेंसियों ने इसकी जानकारी दी है. सुप्रीम लीडर चुनने वाली संस्था असेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स ने उम्मीदवार तय कर लिया है. संस्था के सदस्यों का दावा है कि बहुमत के आधार पर सबसे उपयुक्त उम्मीदवार को मंजूरी दी गई है.

ईरान की मेहर न्यूज एजेंसी के अनुसार, एक्सपर्ट्स की असेंबली के सदस्य अहमद अलमोल्होदा ने कहा, “लीडर का चयन हो चुका है.” खुजेस्तान प्रांत का प्रतिनिधित्व करने वाले सदस्य मोहसिन हेदरी ने ईरान की आईएसएनए न्यूज एजेंसी को इसकी जानकारी दी. उन्होंने बताया कि असेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स के बहुमत ने उम्मीदवार के नाम पर सहमति दे दी है. संस्था के एक अन्य सदस्य मोहम्मद मेहदी मीरबाघेरी ने भी इसकी पुष्टि की है. फार्स न्यूज एजेंसी द्वारा जारी वीडियो में उन्होंने कहा कि बहुमत की राय को दर्शाने वाला स्पष्ट निर्णय लिया जा चुका है.

कब तक नाम सामने आएगा
फिलहाल, नए सुप्रीम लीडर के नाम की आधिकारिक घोषणा बाकी है, और इसके जल्द सामने आने की संभावना है. दूसरे सदस्यों ने इस फैसले को कन्फर्म किया है, जिसमें से एक ने कहा है कि मारे गए सुप्रीम लीडर अली खामेनेई के बेटे यह पद संभालेंगे. मोजतबा खामेनेई को उनके पिता का संभावित उत्तराधिकारी माना जा रहा है. यह पद ईरान में सबसे बड़ा राजनीतिक और धार्मिक अधिकार है और देश के सभी मामलों में आखिरी फैसला इसी का होता है.

4 मार्च को जब मोजतबा का नाम सामने आया तो अमेरिका और इजरायल ने आपत्ति जताई थी. यूएस राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने तो यहां तक कहा कि अगला लीडर चुनने में उनकी भूमिका होनी चाहिए और उन्होंने मोजतबा को खारिज करते हुए उन्हें लाइटवेट कैंडिडेट करार दिया था. वहीं, ईरानी अधिकारियों ने इस बात को साफ तौर पर खारिज कर दिया है कि उत्तराधिकारी चुनने में ट्रंप की कोई भूमिका होगी.इजरायल ने दी धमकी
इजरायल ने तो यहां तक कहा कि वो खामेनेई के हर वारिस का अंजाम उनके जैसा ही करेगा. एक्स पर फारसी में एक पोस्ट की, जिसमें इजरायली सेना ने चेतावनी दी कि वह हर उस व्यक्ति को भी नहीं छोड़ेगी जो अयातुल्ला अली खामेनेई का वारिस नियुक्त करना चाहता है. आईडीएफ की पोस्ट में लिखा है, “तानाशाह खामेनेई को बेअसर करने के बाद, ईरान का आतंकवादी शासन खुद को फिर से बनाने और एक नया लीडर चुनने की कोशिश कर रहा है.” सेना ने चेतावनी दी, “हम वारिस चुनने की मीटिंग में हिस्सा लेने वालों को चेतावनी देते हैं कि हम आपको भी निशाना बनाने में नहीं हिचकिचाएंगे.”

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