असम राइफल्स ने उत्तर-पूर्व में विफल किए कई उग्रवादी हमले, तेज कार्रवाई से फिर साबित किया अपना दबदबा

16 अक्तूबर 2025 को एनएससीएन-के (YA) ने दक्षिण अरुणाचल प्रदेश के चांगलांग ज़िले स्थित हेडमैन कैंप पर एक स्टैंड-ऑफ हमला किया, जिसे जवानों की त्वरित और सटीक प्रतिक्रिया ने विफल कर दिया.

उत्तर-पूर्व के विभिन्न इलाकों में संचालित सटीक और समन्वित काउंटर-इंसर्जेंसी अभियानों के तहत असम राइफल्स ने उग्रवादी संगठनों — उल्फा (I) और एनएससीएन-के (YA) — द्वारा सुरक्षा बलों को निशाना बनाने की कई कोशिशों को नाकाम कर दिया है. सूक्ष्म योजना, सक्रिय तैनाती ग्रिड और प्रभावी खुफिया समन्वय के जरिए सुरक्षा बलों ने असाधारण संचालन क्षमता और दृढ़ संकल्प का परिचय दिया है.

16 अक्तूबर 2025 को एनएससीएन-के (YA) ने दक्षिण अरुणाचल प्रदेश के चांगलांग ज़िले स्थित हेडमैन कैंप पर एक स्टैंड-ऑफ हमला किया, जिसे जवानों की त्वरित और सटीक प्रतिक्रिया ने विफल कर दिया. इसके अगले दिन, 17 अक्तूबर 2025, उल्फा (I) ने असम के काकोपाथार कैंप को निशाना बनाने की कोशिश की, लेकिन सतर्क सैनिकों ने निर्णायक जवाबी कार्रवाई करते हुए एक उग्रवादी को ढेर कर दिया और एक ओवर ग्राउंड वर्कर (OGW) को गिरफ्तार कर लिया.

इन घटनाओं के बाद असम राइफल्स ने अपने अभियान और तेज किए, तथा आधुनिक निगरानी उपकरणों, ड्रोन और खुफिया-आधारित विशेष टीमों की सहायता से एक विस्तृत काउंटर-इंसर्जेंसी ग्रिड सक्रिय किया. इसी ग्रिड के तहत 21 अक्तूबर 2025 को दक्षिण अरुणाचल प्रदेश के नामसाई क्षेत्र में एक सफल घात लगाकर कार्रवाई की गई, जिसमें उल्फा (I) का एक उग्रवादी मारा गया और युद्ध-सामग्री (warlike stores) बरामद की गई.

इन तीव्र और सटीक कार्रवाइयों ने न केवल उग्रवादियों की नापाक मंशाओं को नाकाम किया, बल्कि पूरे उत्तर-पूर्व क्षेत्र में सुरक्षा बलों की मनोवैज्ञानिक बढ़त को फिर से स्थापित किया है. अब उग्रवादी संगठन बिखर चुके हैं, उनके नेटवर्क ध्वस्त हो चुके हैं और नेतृत्व पर भारी दबाव है.

असम राइफल्स की अटूट प्रतिबद्धता, पेशेवर रणनीति और दृढ़ निष्पादन ने एक बार फिर यह सिद्ध कर दिया है कि वे उत्तर-पूर्व के सच्चे प्रहरी (Sentinels of the North East) हैं — जो देश के इस संवेदनशील क्षेत्र में शांति, स्थिरता और राष्ट्रीय अखंडता के रक्षक बने हुए हैं.